UAE Golden Visa: यूएई का गोल्डन वीजा प्रोग्राम हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI), खास कर अमीर भारतीयों के बीच, काफी लोकप्रियता हुआ है। इसके बड़े कारणों में दुबई (यूएई) की भारत से बढ़ती करीबी और ग्लोबल हब के रूप में इसकी अपील है। हेनले एंड पार्टनर्स की हाल ही में आई प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में लगभग 4,300 भारतीय मिलियनेयर के विदेश में बसने की उम्मीद है, जिनमें से अधिकतर दुबई में जाना पसंद करेंगे। आगे जानिए कि कैसे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करके आप भी दुबई का गोल्डन वीजा हासिल कर सकते हैं।
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ये है सबसे आसान तरीका
दुबई में लॉन्ग टर्म रेसिडेंसी के लिए यूएई गोल्डन वीजा हासिल करने का सबसे लोकप्रिय तरीका रियल एस्टेट में निवेश है। गोल्डन वीजा के लिए एलिजिबल होने के लिए कम से कम 2 मिलियन दिरहम (लगभग 4.57 करोड़ रु) का निवेश जरूरी है।
10 साल की होती है गोल्डन वीजा
गोल्डन वीजा 10 साल के लिए वैलिड होती है और उसके बाद इसे रिन्यू कराया जा सकता है। एक बार जब सभी जरूरतें पूरी करते हुए आप आवेदन कर दें तो आवेदन की शुरुआती मंजूरी मिलने तक, सफल आवेदक को छह महीने का मल्टीपल-एंट्री वीजा मिलता है और वह आईडी कार्ड के लिए आवेदन करने और मेडिकल जाँच करवाने के लिए यूएई जा सकता है।
उसके बाद, फुल अप्रूवल दिया जाता है और व्यक्ति को रेसिडेंस वीजा मिल जाता है। रेसिडेंस ऐप्लिकेशन के लिए प्रोसेस में दो महीने से अधिक का समय लगता है।
प्रॉपर्टी खरीदने पर फीस
दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने पर दुबई लैंड डिपार्टमेंट (डीएलडी) की फीस भी देनी होती है, जो प्रॉपर्टी की कीमत का 4% होती है। इसका भुगतान प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के समय तुरंत करना होता है। अन्य लागतों में 4,000 दिरहम (91,000 रु) से लेकर 4,500 दिरहम (1.02 लाख रु) तक होते हैं, जिसमें सरकारी प्रोसेसिंग फीस शामिल है।
कैसे खरीदें प्रॉपर्टी
अक्सर, दुबई में डेवलपर्स खरीदारों को आकर्षित करने के लिए अतिरिक्त चार्ज और फीस को वहन करते हैं। वैसे तो गोल्डन वीजा को सीधे प्रॉपर्टी डेवलपर्स की मदद से प्राप्त किया जा सकता है, जो पूरी प्रोसेस में सहायता देते हैं। आप किसी भी अन्य सहायता के लिए कंसल्टेंट्स और एडवाइजर्स से भी संपर्क कर सकते हैं।
