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समंदर में दिखेगा Make in India और जापानी टेक्नोलॉजी का दम, बढ़ेगी चीन की टेंशन!

लंबे समय से सिविल टेक्नोलॉजी में साथ काम कर रहे भारत और जापान की दोस्ती और गहरी होने जा रही है। दोनों देश अब डिफेंस और नेवल टेक्नोलॉजी पर साथ काम करेंगे।

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भारत जापान बढ़ा रहे समुद्री सहयोग

India Japan Navel Shipbuilding : भारत और जापान ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रक्षा साझेदारी को एक और बड़ा विस्तार दिया है। नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोईजूमी (Shinjiro Koizumi) की बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ नेवल शिपबिल्डिंग (Naval Shipbuilding) और डिजाइन में साझा विकास की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही दोनों देशों की सेनाओं के बीच नेवल कॉर्डिनेशन, पोर्ट एक्सेस, शिप रिपेयर और डिफेंस टेक को भी आगे बढ़ाने का फैसला हुआ है।

इस साझेदारी की सबसे खास बात यह है कि इसमें जापान की आधुनिक तकनीक और भारत की विशाल उत्पादन क्षमता को साथ लाने की कोशिश है। दोनों देश डिफेंस शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल करना चाहते हैं और जापान की तकनीकी विशेषज्ञता को भारत के Make in India फ्रेमवर्क से जोड़ने पर चर्चा आगे बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा भारत के स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मिल सकता है।

समंदर में बढ़ेगा भारत का दम

भारत और जापान के बीच हुआ मैरिटाइम सिक्योरिटी कोऑपरेशन अरेंजमेंट भारत नौसेना और जापान के समुद्री आत्मरक्षा बल के बीच सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करेगा। इसके तहत मैरिटाइम डोमेट अवेयरनेस, सर्च एंड रेस्क्यू तथा मानवीय मदद और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देश समुद्री संचार की सुरक्षा के लिए परस्पर नौसैनिक यात्राएं, साझा अभ्यास और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट बढ़ाएंगे। इसमें पोर्ट तक पहुंच के साथ मेंटेनेंस और रिपेयर सुविधाओं का इस्तेमाल भी शामिल है। भारत के लिए यह इसलिए अहम है क्योंकि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री व्यापार और Energy Supplies की सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

गहरा होगा सैन्य सहयोग

दोनों देशों ने Dharma Guardian और JAIMEX जैसे सैन्य अभ्यास को और व्यापक बनाने पर भी सहमति जताई है। खास तौर पर Veer Guardian 26 काफी अहम होगा, क्योंकि पहली बार जापान के एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स फाइटर एयरक्राफ्ट भारत आकर इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। भारत और जापान अपने अभ्यास में Unmanned Systems को शामिल करने और जरूरत पड़ने पर शॉर्ट नोटिस जॉइंट एक्सरसाइज करने की दिशा में भी बढ़ेंगे। इसके अलावा स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज के बीच सहयोग और भारत के इंटीग्रेटेड थियेटर कमांड (ITC) के गठन के बाद उनके साथ सहयोग पर भी चर्चा आगे बढ़ेगी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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