Emergency Fund After Home Loan: घर खरीदना अधिकतर लोगों के लिए जीवन के सबसे बड़े वित्तीय फैसलों में से एक होता है। इसके लिए कई लोग कई वर्षों की बचत और होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन घर की EMI शुरू होने के बाद बहुत से लोग अपनी पूरी बचत को डाउन पेमेंट और घर से जुड़े खर्चों में लगा देते हैं और इसी गलती के साथ वे इमरजेंसी फंड को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा करना भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकता है।
Emergency Fund क्यों जरूरी है?
Emergency Fund वह पैसा है जिसे सामान्य Shopping, Vacation या रोजमर्रा के खर्च के लिए नहीं रखा जाता। इसका इस्तेमाल केवल ऐसी स्थिति में किया जाना चाहिए जब अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाए और नियमित आय से खर्च संभालना मुश्किल हो। Home Loan लेने के बाद इसकी अहमियत और बढ़ जाती है, क्योंकि हर महीने एक निश्चित रकम EMI के रूप में बैंक को देनी होती है। अगर किसी महीने आपकी आय रुक जाती है तो भी EMI की जिम्मेदारी बनी रहती है।
मान लीजिए आपकी नौकरी चली जाती है और आपकी EMI 30,000 रुपये प्रति महीने है। इसके साथ घर का राशन, बिजली, बच्चों की फीस, दवाइयां और दूसरे खर्च भी जारी रहेंगे। ऐसे समय में Emergency Fund आपको कुछ महीनों तक बिना कर्ज लिए खर्च संभालने में मदद कर सकता है।
Home Loan के बाद कितना Emergency Fund रखें?
सामान्य तौर पर कम से कम 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम रखने का लक्ष्य बनाया जा सकता है। लेकिन Home Loan लेने के बाद आपकी वित्तीय जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इसलिए जिन लोगों की नौकरी की आय पर पूरा परिवार निर्भर है या जिनके पास आय का दूसरा स्रोत नहीं है, वे 9 से 12 महीने के जरूरी खर्च का Emergency Fund रखने पर भी विचार कर सकते हैं। यहां जरूरी खर्च का मतलब आपकी पूरी Salary नहीं है। इसमें केवल वे खर्च शामिल करें जिन्हें किसी भी स्थिति में रोकना मुश्किल होगा।
क्या EMI को Emergency Fund में शामिल करना जरूरी है?
Home Loan लेने के बाद Emergency Fund की गणना करते समय EMI को शामिल किया जाना जरूरी है। यह आपकी सबसे बड़ी नियमित वित्तीय जिम्मेदारियों में से एक होती है। अगर आप केवल घर के राशन और दूसरे खर्चों का छह महीने का पैसा रखते हैं, लेकिन EMI के लिए पैसा नहीं रखते, तो नौकरी या आय में रुकावट आने पर फंड जल्दी खत्म हो सकता है।
