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लेना चाहते हैं कार लोन, 20-10-4 फॉर्मूला आएगा काम, जानें कैसे फायदेमंद

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 2, 2023, 12:14 PM IST

How to Get Cheaper Car Loan: कार लोन लेते समय 20-10-4 फॉर्मूला हमेशा कारगर होता है। कोशिश करें कि कार की कीमत की 20 फीसदी राशि डाउनपेमेंट के रुप में दी जाए। ऐसा करने से आप ज्यादा ब्याज देने से बचेंगे।

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कार लोन लेते समय इन टिप्स का करें यूज

Photo : BCCL

How to Get Cheaper Car Loan: बैंकों की तरफ से लगातार कर्ज महंगा किए जाने के बाद कार लोन भी महंगा होता जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद कारों की क्रेज बढ़ रही है। ऐसे में बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियां तरह-तरह के ऑफर दे रही है। जिसमें 90फीसदी फाइनेंस से लेकर लंबे समय के लिए कर्ज की अवधि जैसे लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं। इसे देखते हुए हमेशा आपको 20-10-4 फॉर्मूले का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से ज्यादा ब्याज के दौर में कार लोन आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा।

क्या है 20-10-4 फॉर्मूला

कार लोन लेते समय 20-10-4 फॉर्मूला हमेशा कारगर होता है। आइए सबसे पहले जानते हैं कि इस फॉर्मूले में 20 का क्या मतलब है। असल में आपको बहुत से ऐसे ऑफर मिलेंगे, जिसमें कार की कीमत का 90 फीसदी तक लोन देने की सुविधा दी जाती है। लेकिन हमेशा कोशिश करें कि कार की कीमत की 20 फीसदी राशि डाउनपेमेंट के रुप में दी जाए। ऐसा करने से आप ज्यादा ब्याज देने से बचेंगे।

EMI का ये नियम हमेशा रखें ध्यान

इसी तरह फॉर्मूले में 10 अंक ईएमआई की अहमियत बताता है। लोन लेते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपकी ईएमआई, कुल इनकम से 10 फीसदी से ज्यादा न हो। यानी अगर आप 50,000 रुपये कमाते हैं तो ईएमआई 5000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

लोन पीरियड भी अहम

लोन की राशिअवधिब्याजअवधिब्याजअतिरिक्त ब्याज
5 लाख रुपये41,08,702 रुपये7 साल1,97,250 रुपये88,548 रुपये

लोन आप कितने समय के लिए लेते हैं, यह भी बहुत मायने रखता है। इसके तहत यह कोशिश करनी चाहिए कि लोन की अवधि 4 साल से ज्यादा नहीं हो। वैसे तो बैंक और फाइनेंस कंपनियां सात साल तक का भी विकल्प देती हैं, लेकिन यह आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। क्योंकि ज्यादा लोन अवधि पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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