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UAN में Aadhaar से जुड़ी गलतियों को कैसे सुधारें? यहां जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रॉसेस

UAN Aadhar Correction: अगर आपके नाम, जेंडर या जन्मतिथि में आधार और UAN की डिटेल्स अलग-अलग हैं, तो अब आपका नियोक्ता (Employer) जॉइंट डिक्लेरेशन (JD) फीचर के जरिए इन्हें ऑनलाइन सुधारने का अनुरोध भेज सकता है। पहले यह काम लंबा और मुश्किल था, लेकिन अब इसे आसान बना दिया गया है।

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EPFO Aadhar Correction

UAN Aadhar Correction: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आधार और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को लिंक करने और उसमें गलती सुधारने की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। पहले जहां इन कामों के लिए कर्मचारियों को बार-बार EPFO दफ्तर जाना पड़ता था, अब यह काम ऑनलाइन और तेजी से हो सकेगा।

आधार और UAN की डिटेल्स में गलती हो तो क्या करें?

अगर आपके नाम, जेंडर या जन्मतिथि में आधार और UAN की डिटेल्स अलग-अलग हैं, तो अब आपका नियोक्ता (Employer) जॉइंट डिक्लेरेशन (JD) फीचर के जरिए इन्हें ऑनलाइन सुधारने का अनुरोध भेज सकता है। पहले यह काम लंबा और मुश्किल था, लेकिन अब इसे आसान बना दिया गया है।

आधार को UAN से कैसे लिंक करें?

अगर आपके UAN में नाम, जेंडर और जन्मतिथि की डिटेल्स आधार से बिल्कुल मैच कर रही हैं, तो आप सीधे अपने नियोक्ता से आधार लिंक कराने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। नियोक्ता अपने पोर्टल पर KYC फीचर के जरिए आपके आधार को UAN से लिंक कर देंगे। अब इसके लिए EPFO से अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।

अगर गलत आधार लिंक हो गया है तो?

कभी-कभी गलती से गलत आधार नंबर UAN से लिंक हो जाता है। ऐसी स्थिति में भी अब समाधान आसान है। नियोक्ता JD फीचर के जरिए सही आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं और इसे EPFO ऑफिस में ऑनलाइन मंजूरी के लिए भेज सकते हैं।

क्यों जरूरी है आधार-UAN लिंकिंग?

UAN में आधार को KYC के रूप में जोड़ने का मकसद कर्मचारियों को सीधे सेवाएं देना है। इससे नियोक्ता पर निर्भरता कम हो जाती है और कर्मचारी तेजी से अपना लाभ उठा सकते हैं।

EPFO ने क्या बदलाव किए?

EPFO ने नया आसान सिस्टम लागू किया है। अगर आपका आधार UIDAI से वेरिफाई है, तो आप खुद अपनी प्रोफाइल की डिटेल्स में बदलाव कर सकते हैं। सिर्फ उन्हीं मामलों में नियोक्ता या EPFO की मंजूरी लगेगी, जहां आधार लिंक या वेरिफाई नहीं है। इससे कर्मचारियों का समय और परेशानी दोनों कम होंगे।

ये है गलती सुधारने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

  • सबसे पहले देखें कि आपके UAN में नाम, जेंडर और जन्मतिथि आधार से मैच कर रहे हैं या नहीं।
  • अपने नियोक्ता (Employer) से आधार को UAN से लिंक करने की रिक्वेस्ट करें।
  • नियोक्ता अपने पोर्टल के KYC फीचर से आपका आधार UAN से जोड़ देंगे।
  • अब EPFO की अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।
  • अगर आपके नाम की स्पेलिंग अलग है या जन्मतिथि में अंतर है।
  • ऐसे में आपका नियोक्ता जॉइंट डिक्लेरेशन (JD) फीचर के जरिए ऑनलाइन सुधार की रिक्वेस्ट भेजेगा।
  • सुधार मंजूर होते ही आधार और UAN की डिटेल्स मैच हो जाएंगी।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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