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LPG गैस सब्सिडी बैंक अकाउंट में आई या नहीं कैसे चेक करें?

महंगाई के इस दौर में LPG पर मिलने वाली सब्सिडी आम परिवार के बजट के लिए बड़ी राहत है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में आया या नहीं, तो अपने मोबाइल से ऐसे चेक करें पूरा स्टेटस।

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LPG Cylinder

महंगाई के इस दौर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी (LPG Subsidy) आम परिवार के बजट को संभालने में बड़ी मदद करती है। लेकिन अक्सर कई लोगों को यह पता ही नहीं चल पाता कि उनके सिलेंडर का पैसा सीधे बैंक खाते में समय पर पहुंच रहा है या नहीं, या फिर किसी तकनीकी कमी की वजह से रुका हुआ है। अगर आप भी घर बैठे अपने मोबाइल से सिर्फ दो मिनट में अपनी गैस सब्सिडी का लाइव स्टेटस और बैंक ट्रांसफर की पूरी डिटेल चेक करना चाहते हैं, तो यह आसान तरीका आपके बहुत काम आने वाला है।

इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले आपके पास दो में से किसी एक जानकारी का होना जरूरी है। पहली चीज है आपका वह मोबाइल नंबर जो आपकी गैस एजेंसी में रजिस्टर्ड (Registered Mobile Number) है, या फिर आपकी 17 अंकों की एलपीजी आईडी (LPG ID) जो आपकी गैस पासबुक पर लिखी होती है। अगर आपके पास इन दोनों में से कोई भी एक जानकारी मौजूद है, तो आप सिर्फ दो मिनट में अपने फोन से पूरा स्टेटस देख सकते हैं।

MyLPG पोर्टल के जरिए सब्सिडी चेक करने का Step-by-Step तरीका

देश में मुख्य रूप से तीन बड़ी सरकारी गैस कंपनियां हैं इंडेन (Indane), एचपी (HP Gas) और भारत गैस (Bharat Gas)। इन तीनों ही कंपनियों के उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने एक कॉमन पोर्टल बनाया है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं

  • सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में www.mylpg.in वेबसाइट को ओपन करें।
  • वेबसाइट के होमपेज पर दाईं तरफ आपको तीन गैस सिलेंडरों की तस्वीरें दिखाई देंगी, जिन पर भारत गैस, एचपी गैस और इंडेन लिखा होगा। आपकी रसोई में जिस भी कंपनी का सिलेंडर आता है, उस सिलेंडर की तस्वीर पर क्लिक करें।
  • क्लिक करते ही आपकी संबंधित गैस कंपनी का एक नया पेज खुल जाएगा। यहां आपको कई तरह के विकल्प मिलेंगे, जिनमें से आपको 'Give Your Feedback Online' या 'Complaints/Feedback' वाले विकल्प को ढूंढकर उस पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जहां अलग-अलग सेवाओं के आइकॉन बने होंगे। यहां आपको 'LPG' वाले आइकॉन या बटन पर क्लिक करना है।
  • अब आपके सामने एक लिस्ट आएगी जिसमें 'Subsidy Related (PAHAL)' का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। इसके ठीक बगल में एक सब-कैटेगरी खुलेगा, जहां आपको 'Subsidy Not Received' (सब्सिडी नहीं मिली) वाले विकल्प को चुनना होगा।
  • अब आपके सामने दो विकल्प आएंगे। आप या तो अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज कर सकते हैं या फिर अपनी 17 अंकों की एलपीजी आईडी डाल सकते हैं। कोई भी एक विवरण भरने के बाद नीचे दिए गए 'Submit' बटन पर क्लिक कर दें।
  • सबमिट करते ही आपकी स्क्रीन पर एक विस्तृत तालिका (Table) खुल जाएगी। इसमें आपकी पिछली कई गैस बुकिंग की पूरी हिस्ट्री होगी। यहां आप देख सकते हैं कि आपने किस तारीख को सिलेंडर बुक किया था, वह कब डिलीवर हुआ, आपको कितनी सब्सिडी की राशि मिली और वह पैसा किस तारीख को आपके किस बैंक अकाउंट नंबर में ट्रांसफर किया गया।

अगर सब्सिडी नहीं आ रही है, तो क्या करें?

अगर ऑनलाइन स्टेटस चेक करने पर आपको पता चलता है कि आपकी सब्सिडी की राशि लंबे समय से रुकी हुई है या शून्य (0) दिखा रही है, तो इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण हो सकते हैं। पहला कारण यह हो सकता है कि आपकी सालाना पारिवारिक आय सरकार द्वारा तय की गई सीमा (10 लाख रुपये या उससे अधिक) से ज्यादा हो, जिस वजह से आपकी सब्सिडी बंद कर दी गई हो। दूसरा और सबसे आम कारण होता है KYC (नो योर कस्टमर) का अधूरा होना या बैंक खाते के साथ आधार कार्ड का लिंक न होना। इस समस्या को ठीक करने के लिए आपको अपनी गैस एजेंसी में जाकर एक साधारण केवाईसी फॉर्म भरना होगा और अपना आधार कार्ड अपने गैस कनेक्शन और बैंक अकाउंट दोनों से लिंक करवाना होगा, जिसके बाद आपकी रुकी हुई सब्सिडी दोबारा आनी शुरू हो जाएगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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