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UPS: अपनी सैलरी के हिसाब से जानें कितनी मिलेगी पेंशन, UPS का समझें पूरा कैलकुलेशन

Unified Pension Scheme Calculation: कैबिनेट ने यूनिफाइड पेंशन योजना की मंजूरी दे दी है। UPS के तहत अब रिटायर्ड कर्मचारियों को 12 महीने की एवरेज बेसिक सैलरी का 50% निश्चित पेंशन के तौर पर दिया जाएगा। ये पेंशन पाने के लिए कर्मचारियों को कम से कम 25 साल तक सर्विस करनी होगी।

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UPS का समझें गणित।

Photo : iStock

UPS Calculation: यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल होने वाले सरकारी कर्मचारियों को अपनी पेंशन बढ़ने की उम्मीद है। अब इसमें सरकार का योगदान 14 फीसदी से बढ़कर 18.5 फीसदी होने वाला है। TOI के लिए UTI पेंशन फंड ने जो कैलकुलेशन किया उससे पता चलता है कि UPS से 50,000 रुपये की मंथली सैलरी पाने वालों के लिए यह बढ़ोतरी लगभग 19 फीसदी होगी और उनके कॉर्पस में 3 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी होगी। जबकि कंपाउंड रूप से सालाना 8 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

कैलुकुलेशन में सर्विस के समय के दौरान महंगाई भत्ते और वेतन आयोग पुरस्कारों को शामिल नहीं किया गया है इसलिए कॉर्पस बड़ा हो सकता है। इसी तरह, मासिक पेंशन भुगतान में महंगाई राहत, महंगाई के प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है, जिसका वादा सरकार ने 2004 से सेवा में शामिल होने वाले और NPS का हिस्सा बनने वाले सभी कर्मचारियों से किया था।

भविष्य के लिए फंड: NPS vs UPS

जॉइंनिंग की उम्र25 (साल)273035
सर्विस पीरियड35 (साल)333025
आखिरी सैलरी*1,36,5951,28,7541,17,8281,01,640
NPS कॉर्पस3,59,54,3443,01,04,5502,29,31,6301,42,79,938
UPS कॉर्पस4,26,95,7833,57,49,1532,72,31,3111,69,57,426
NPS पेंशन1,79,7721,50,5231,14,65871,400
UPS पेंशन2,13,4791,78,7461,36,15784,787
सोर्स: यूटीआई पेंशन फंड (डाटा रुपये में)

ऊपर दी गई टेबल नीचे दिए गई बातों के आधार पर तैयार की गई है।

~*किसी व्यक्ति के लिए 60 वर्ष की उम्र में बेसिक सैलरी 50,000 रुपये प्रति माह से शुरू होने पर सालाना बढ़ोतरी 3 फीसदी मानने पर।

~NPS- सरकार का योगदान वेतन का 14%, कर्मचारी का 10%

~UPS -सरकार का योगदान वेतन का 18.5%, कर्मचारी का 10%

~फंड वृद्धि 8% सीएजीआर पर मानी गई है

~सालाना रिटर्न 6% लिया गया है

सरकारी कर्मचारियों के पास डिफॉल्ट ऑप्शन के साथ तीन निवेश विकल्प

मौजूदा नियमों के तहत, सरकारी कर्मचारियों के पास डिफॉल्ट ऑप्शन के साथ तीन निवेश विकल्प हैं, जिसका उपयोग 95 फीसदी ग्राहक करते हैं, जो सरकारी प्रतिभूतियों में 65 फीसदी तक निवेश, इक्विटी में 15 फीसदी और कॉर्पोरेट लोन में शेष निवेश की अनुमति देता है। पूरे पैसे को गवर्नमेंट सिक्योरिटी (G-Sec) में निवेश करने का विकल्प भी है और तीसरा विकल्प - मॉडरेट लाइफ साइकिल फंड - जब ग्राहक 35 वर्ष का हो जाता है, तो इक्विटी के लिए आवंटन में सालाना 2 फीसदी की गिरावट आती है और जब वह 55 वर्ष का हो जाता है, तो 80 फीसदी G-Sec में निवेश किया जाता है और शेष 20 फीसदी को इक्विटी और कॉर्पोरेट बॉन्ड के बीच समान रूप से विभाजित करने की अनुमति दी जाती है।

फंड मैनेजरों का कहना है कि 50 फीसदी पेंशन का लक्ष्य पाने के लिए 12 महीनों का औसत वेतन का कॉर्पस बड़ा होना चाहिए। जो सरकार द्वारा 14 फीसदी योगदान के साथ पूरा नहीं होता। इसलिए इसे बढ़ाकर 18.5 फीसदी किया गया है। हालांकि आने वाले समय में ऐसा हो सकता है कि सरकार को 18.5 फीसदी कंट्रीब्यूशन को बढ़ाना पड़े।

पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के पूर्व अध्यक्ष डी स्वरूप ने टीओआई से बात करते हुए कहा, "यूपीएस सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अच्छा है। लेकिन वे संभावित रूप से अधिक रिटर्न अर्जित करने का अवसर खो देंगे।" अधिकांश सरकारी कर्मचारियों के लिए, 50 फीसदी सुनिश्चित रिटर्न एक सुरक्षित दांव लगता है।

सरकारी कर्मचारियों की पेंशन SBI, LIC और UTI करते हैं मैनेज

वर्तमान में, सरकारी कर्मचारियों के लिए तीन पेंशन फंड मैनेजर हैं। इनमें SBI, LIC और UTI शामिल हैं, जो तीन योजनाएं पेश करते हैं।

किस फंड ने दिया ज्यादा रिटर्न

NPS ट्रस्ट की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2008 में स्थापना के बाद से SBI पेंशन फंड ने केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को 9.75 फीसदी का हाई रिटर्न दिया है, जबकि राज्य सरकारों के लिए, LIC पेंशन फंड ने जून 2009 से 9.56 फीसदी का उच्चतम रिटर्न दिया है। इसी तरह, UTI पेंशन फंड ने सालाना आधार पर 6 फीसदी रिटर्न दिया है, जबकि बीमा कंपनियां वर्तमान में 5.6 फीसदी से 7 फीसदी से अधिक का रिटर्न दे रही हैं।

क्या होता है कॉर्पस

कॉर्पस को सभी निवेशकों से किसी विशेष योजना में निवेश किए गए कुल धन के रूप में परिभाषित किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी इक्विटी फंड में 100 यूनिट हैं। प्रत्येक यूनिट की कीमत 10 रुपये है तो फंड का कुल कॉर्पस 1,000 रुपये होगा। यदि कुछ नए निवेशक फंड में 300 रुपये और निवेश करते हैं, तो कॉर्पस बढ़कर 1,300 रुपये हो जाएगा।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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