बुजुर्गों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प है। इसमें पैसा एक तय अवधि के लिए जमा किया जाता है और बैंक उस पर पहले से तय ब्याज देता है। खास बात यह है कि ज्यादातर बैंक 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज देते हैं। लेकिन सभी बैंकों की ब्याज दरें एक जैसी नहीं होतीं। Goodreturns की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 लाख रुपये की FD पर छोटे फाइनेंस बैंक और बड़े बैंकों के रिटर्न में अच्छा-खासा अंतर हो सकता है।
1 साल की FD पर कितना मिलेगा पैसा?
अगर कोई बुजुर्ग HDFC Bank या ICICI Bank में 1 लाख रुपये की एक साल की FD कराता है और उसे 6.75 फीसदी ब्याज मिलता है, तो मैच्योरिटी पर करीब 1,06,923 रुपये मिलेंगे। यानी लगभग 6,923 रुपये का ब्याज मिलेगा। वहीं, Suryoday Small Finance Bank में 7.40 फीसदी ब्याज पर यही रकम बढ़कर करीब 1,07,608 रुपये हो सकती है। Unity Small Finance Bank में 8 फीसदी ब्याज मिलने पर मैच्योरिटी राशि करीब 1,08,243 रुपये होगी। इस तरह एक साल में ही बैंक चुनने से रिटर्न में अंतर दिखाई देता है।
3 साल की FD में कितना होगा फायदा?
तीन साल की अवधि के लिए बड़े बैंकों HDFC और ICICI Bank में 6.95 फीसदी ब्याज के हिसाब से 1 लाख रुपये करीब 1,22,963 रुपये हो सकते हैं। वहीं, Jana Small Finance Bank में 8.30 फीसदी ब्याज मिलने पर मैच्योरिटी राशि करीब 1,27,948 रुपये होगी। यानी बड़े बैंकों के मुकाबले लगभग 5,000 रुपये ज्यादा मिल सकते हैं। Utkarsh Small Finance Bank में 8 फीसदी ब्याज पर करीब 1,26,824 रुपये मिलेंगे।
5 साल की FD पर मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न?
अगर कोई बुजुर्ग 1 लाख रुपये पांच साल के लिए जमा करता है, तो HDFC और ICICI Bank में 6.90 फीसदी ब्याज के हिसाब से करीब 1,40,784 रुपये मिलेंगे। दूसरी तरफ, Suryoday Small Finance Bank में 8.50 फीसदी ब्याज पर यह रकम बढ़कर करीब 1,52,279 रुपये हो सकती है। यानी दोनों के बीच लगभग 11,500 रुपये का अंतर है।
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ज्यादा ब्याज देखकर तुरंत FD कराने का फैसला न करें। छोटे फाइनेंस बैंक भी RBI के नियमों के तहत काम करते हैं, लेकिन निवेश से पहले बैंक की शर्तें, समय से पहले FD तोड़ने पर लगने वाला जुर्माना और ब्याज भुगतान का तरीका जरूर जांचें। DICGC के नियमों के तहत एक बैंक में एक जमाकर्ता की मूल रकम और ब्याज मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक जमा बीमा कवर मिलता है। FD से होने वाली ब्याज आय पर टैक्स नियम भी लागू हो सकते हैं। इसलिए अपनी जरूरत और जोखिम को ध्यान में रखकर बैंक चुनें।
