बिजनेस

US Tariffs: अमेरिका टैरिफ का भारत पर कितना पड़ेगा असर, क्या कहती है GTRI रिसर्च

India-US Trade: ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा लगाए गए जवाबी शुल्क का भारत पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। दोनों देशों के निर्यात ढांचे में अंतर होने के कारण यह शुल्क भारत की अर्थव्यवस्था को खास नुकसान नहीं पहुंचाएगा। भारत-अमेरिका व्यापार में भारत को अभी भी अधिशेष लाभ मिल रहा है, और यदि भविष्य में अमेरिका कोई कठोर कदम उठाता है, तो भारत भी उचित जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

Image

यदि अमेरिका अप्रैल 2025 में कोई नया शुल्क नीति लागू करता है, तो भारत भी 2019 की तरह जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • भारतीय निर्यात पर न्यूनतम प्रभाव
  • भारत की रणनीति
  • भारत-अमेरिका व्यापार संतुलन

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, अमेरिका द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर लगाए जा रहे जवाबी शुल्क का भारत पर खास असर नहीं पड़ेगा। इसका मुख्य कारण यह है कि दोनों देशों के निर्यात ढांचे में काफी भिन्नता है।

भारतीय निर्यात पर कोई विशेष प्रभाव नहीं

संस्थान के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि यदि अमेरिका भारतीय पिस्ता पर 50% शुल्क लगाता है, तो इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि भारत पिस्ता निर्यात ही नहीं करता। इसके अलावा, भारत अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात का 75% हिस्सा केवल 5% औसत शुल्क के दायरे में आता है। हालांकि, भारत को कपड़ा, परिधान और जूते जैसी श्रम-प्रधान वस्तुओं पर 15-35% अमेरिकी शुल्क का सामना करना पड़ता है।

जवाबी शुल्क को लेकर भारत की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की जवाबी शुल्क नीति से भारत को अधिक नुकसान नहीं होगा। भारत पहले भी 2019 में डोनाल्ड ट्रंप सरकार के दौरान इस तरह की नीति का सामना कर चुका है। यदि अप्रैल 2025 में अमेरिका कोई फैसला लेता है, तो भारत भी उसी के अनुरूप जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंध

अप्रैल-नवंबर 2024-25 में, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 82.52 अरब डॉलर का रहा, जिसमें भारत ने 52.89 अरब डॉलर का निर्यात और 29.63 अरब डॉलर का आयात किया। अमेरिका उन कुछ देशों में शामिल है, जिनके साथ भारत का व्यापार अधिशेष (23.26 अरब डॉलर) बना हुआ है।

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

साल 2023-24 में भारत और अमेरिका के बीच 119.71 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जिसमें 77.51 अरब डॉलर का निर्यात और 42.19 अरब डॉलर का आयात शामिल था। भारत को अमेरिका के साथ 35.31 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष प्राप्त हुआ।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article