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कितनी EMI मिस होते ही बन जाते हैं डिफॉल्टर, जानें फिर बैंक क्‍या-क्‍या कर सकता है आपके साथ!

अगर आपके नाम पर कोई लोन चल रहा है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। लोन की EMI मिस होना जितना आसान लगता है, उसके बाद की मुश्किलें उतनी ही बड़ी हो सकती हैं। ज़रा सी लापरवाही आपका CIBIL Score गिरा सकती है, बैंक आपको डिफॉल्टर घोषित कर सकता है और आगे लोन मिलना भी मुश्किल हो जाता है।

EMI Miss

कितनी EMI मिस होते ही आप डिफॉल्टर बन जाते हैं? और उसके बाद बैंक क्या-क्या कदम उठा सकता है? यह सवाल अक्सर हर होम लोन लेने वाले के मन में आता है। बड़ी EMI, बढ़ते खर्चे और अचानक आने वाली आर्थिक दिक्कतें कभी-कभी महीने की किस्त चुकाना मुश्किल बना देती हैं। एक-दो बार EMI मिस हो जाए, तो बैंक सख्त रवैया नहीं अपनाता, लेकिन अगर लगातार तीन महीने तक किस्त नहीं भरी गई, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में बैंक आपके लोन अकाउंट को डिफॉल्ट में डाल सकता है और आगे कई सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

कितनी EMI मिस होने पर बैंक लेता है एक्शन?

सबसे पहले जान लीजिए कि अगर आपकी एक EMI छूट गई है, तो बैंक इसे आपकी गलती या चूक मानकर नजरअंदाज़ कर देता है। बैंक आमतौर पर आपको एक मैसेज या कॉल करके याद दिलाता है कि अगली EMI समय पर जमा करें। यहां घबराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन यह संकेत होता है कि आगे आपको ज्यादा सावधान रहना चाहिए।

दूसरी बार EMI मिस होने पर बैंक इसे गंभीरता से लेना शुरू कर देता है। इस समय आपके पास बैंक के फोन, ईमेल और रिमाइंडर आने लगते हैं। बैंक आपसे कारण जानने की कोशिश करता है और यह भी पूछता है कि आप बकाया किस तरह चुकाएंगे। अगर आप इस समय बैंक से बात कर लेते हैं और कोई समाधान निकाल लेते हैं, तो मामला आसानी से निपट सकता है।

NPA कब होता है?

लेकिन अगर लगातार तीन महीने तक EMI नहीं चुकाई, तो बैंक आपके लोन अकाउंट को NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर देता है। इसी समय आपको डिफॉल्टर माना जाता है। इसका असर सीधे आपके CIBIL Score पर पड़ता है और भविष्य में किसी नए लोन को पाने की संभावना लगभग खत्म हो सकती है।

हालांकि, डिफॉल्टर बनने के बाद भी बैंक आपको एक आखिरी मौका देता है। इस चरण में आपको बैंक की ओर से एक कानूनी नोटिस मिलता है, जिसमें करीब दो महीने का समय दिया जाता है ताकि आप बकाया चुकाकर लोन खाते को दोबारा सामान्य स्थिति में ला सकें। अगर आप इस दौरान बैंक से बात कर लेते हैं या पुनर्गठन (restructuring) का विकल्प चुनते हैं, तो बड़ी कार्रवाई से बच सकते हैं।

नोटिस के बाद क्या होता है?

अगर नोटिस मिलने के बाद भी कोई भुगतान नहीं किया जाता और आप बैंक से संपर्क नहीं करते, तो फिर बैंक प्रॉपर्टी को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। यह बैंक का अंतिम कदम होता है, क्योंकि नीलामी में समय और खर्च दोनों लगते हैं।

नीलामी शुरू करने से पहले बैंक एक पब्लिक नोटिस जारी करता है, जिसमें प्रॉपर्टी का रिज़र्व प्राइस, नीलामी की तारीख और समय का उल्लेख होता है। अगर आपको लगता है कि रिज़र्व प्राइस बहुत कम रखा गया है, तो आप कोर्ट में इसे चुनौती भी दे सकते हैं। आमतौर पर NPA घोषित होने से लेकर नीलामी तक की पूरी प्रक्रिया में लगभग 6–7 महीने का समय लग जाता है।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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