बिजनेस

भारतीय परिवारों के पास कितने लाख टन चांदी? आप सोच भी नहीं सकते! जानकर उड़ जाएंगे होश

एक रिपोर्ट के अनुसार, पेरू के पास दुनिया का सबसे बड़ा चांदी का भंडार है, जिसका अनुमान 110,000 से 140,000 मीट्रिक टन है, और यह दुनिया का टॉप उत्पादक है। इसके अलावा भारी भंडार वाले दूसरे देशों में ऑस्ट्रेलिया (94,000 टन), रूस (92,000 टन), चीन (70,000–72,000 टन), और पोलैंड (63,000 टन) शामिल हैं।

Silver Reserves in India

भारतीय परिवारों के पास चांदी

दुनियाभर में सोने और चांदी की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। भारतीय बाजार भी अछूता नहीं है। यहां पर भी सोना की कीमत 1.60 लाख रुपये प्रति 10 के पार पहुंच गई है। वहीं, चांदी की कीमत बात करें तो ₹3,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। इन सब से इतर आपको आज एक चौंकाने वाले आंकड़े देने जा रहे हैं। क्या आपको पता है कि भारतीय परिवारों के पास कितना टन चांदी है। एमएमटीसी-पीएएमपी के प्रबंध निदेशक और सीईओ समित गुहा के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास अनुमानित 25,000 टन सोना और उससे 10 गुना मात्रा में चांदी है। यानी भारतीय परिवारों के पास 2.5 लाख टन चांदी का भंडार है। यह इतना बड़ा भंडार है कि दुनिया से बड़े बड़े चांदी के खान में भी इतना सोना नहीं है। अगर किसी देश की बात करें तो उनके पास भी इतनी चांदी नहीं है।

किस देश के पास सबसे अधिक चांदी

एक रिपोर्ट के अनुसार, पेरू के पास दुनिया का सबसे बड़ा चांदी का भंडार है, जिसका अनुमान 110,000 से 140,000 मीट्रिक टन है, और यह दुनिया का टॉप उत्पादक है। इसके अलावा भारी भंडार वाले दूसरे देशों में ऑस्ट्रेलिया (94,000 टन), रूस (92,000 टन), चीन (70,000–72,000 टन), और पोलैंड (63,000 टन) शामिल हैं। ये देश, मेक्सिको (एक प्रमुख उत्पादक) के साथ मिलकर, दुनिया की ज्यादातर चांदी की सप्लाई करते हैं।

इस तरह बढ़ी चांदी की कीमत

आपको बता दें कि 26 जनवरी 1950 को भारत में एक किलो चांदी की कीमत 100 रुपए से भी कम थी। वहीं 76 साल बाद इसकी कीमत 3 लाख के पार पहुंच गई है। आपको बता दें कि चांदी की कीमत पिछले 1 साल में सबसे तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह चांदी की मांग अधिक और सप्लाई कम होना है। चांदी की मांग उद्यौगिक क्षेत्र में बढ़ने से कीमत तेजी से बढ़ी है।

एमएमटीसी शुरू करेगी रीसाइक्लिंग

एमएमटीसी-पीएएमपी ने चांदी की कीमत तेजी से बढ़ने के बाद रीसाइक्लिंग की योजना बनाई है। एमएमटीसी-पीएएमपी के प्रबंध निदेशक और सीईओ समित गुहा ने कहा कि कंपनी चांदी रीसाइक्लिंग में इसलिए उतर रही है, क्योंकि अब इसका अर्थशास्त्र अधिक अनुकूल है, जबकि बढ़ती मांग के बावजूद वैश्विक खान उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। बढ़ती मांग के कारण सप्लाई साइड में गंभीर बाधाएं पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। अगर चांदी की मांग इसी तरह बनी रही, तो हमें आपूर्ति पक्ष में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए रीसाइक्लिंग की गई चांदी को इस कमी को पूरा करने के लिए बड़ी भूमिका निभानी होगी।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

आलोक कुमार
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

End of Article