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UP ही नहीं उत्तराखंड तक पहुंचाएगा गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ से हरिद्वार तक होगा विस्तार; MoU पर हुए हस्ताक्षर

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तराखंड और यूपी सरकार के बीच एमओयू साइन किया गया है। इसे मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित कर आवागमन आसान करने का प्लान है।

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मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित होगा गंगा एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश से पहाड़ों तक सफर आसान बनाने की कवायतें तेज हैं, जिसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे उपयुक्त साबित होगा। इसीलिए उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मेरठ से प्रयागराज के बीच गंगा एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खुला है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना महानिदेशक एवं मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद दोनों राज्य परियोजना की रूपरेखा और क्रियान्वयन को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से दोनों राज्यों के बीच संपर्क बेहतर होगा और धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी।

मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। इसके पूरा होने पर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम होने के साथ माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

हरिद्वार तक पहुंच होगी आसान

राज्य सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित किए जाने से उत्तराखंड को देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा। सरकार के मुताबिक, इससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

एक अन्य निर्णय में, राज्य मंत्रिमंडल ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकतानुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। हालांकि, यूपी सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए 5,780 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत मेरठ से आगे मुजफ्फरनगर और रुड़की होते हुए हरिद्वार (उत्तराखंड) तक संपर्क मार्ग बनाया जाएगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के यात्रियों को सुविधा होगी।

यूपी में 'गंगा एक्सप्रेस वे' का रूट मैप

'गंगा एक्सप्रेस वे' की लंबाई 594 किलोमीटर है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा यह एक्सप्रेस-वे सूबे के 12 जिलों के कुल 518 गांव से होकर गुजरेगा। छह लेन में तैयार हो रहे इस एक्सप्रेस-वे को आगे जरूरत पड़ने पर बढ़ाकर आठ लेन का किया जा सकता है। इस पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाई जा सकता है और मेरठ से प्रयागराज की दूरी मात्र छह घंटे में पूरी की जा सकती है पहले चरण का काम पूरा होने के बाद 'गंगा एक्सप्रेसवे' प्रदेश के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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