Couples Money Management: शादी दो लोगों के लिए एक नए जीवन की शुरुआत होती है। ऐसे में यह रिश्ता जिम्मेदारियों और फाइनेंशियल प्लानिंग की भी नई शुरुआत होता है। शादी के बाद अगर पैसों का मैनेजमेंट ठीक तरह से नहीं हो तो कपल्स में मनमुटाव और आपसी झगड़े बढ़ने लगते हैं। यहां तक कि पैसों को लेकर छोटी-छोटी बातें भी तनाव पैदा कर सकती हैं। हालांकि, कुछ टिप्स को फॉलो कर मैरिड कपल्स अपने पैसे को सही तरीके मैनेज करना सीख सकते हैं। आइए जानते हैं कपल्स को अपने पैसे को कैसे मैनेज करना चाहिए-

Couples Money Management (Photo: iStock)
पैसों को लेकर खुलकर और स्पष्ट बात
पति-पत्नी के लिए सबसे जरूरी यही है कि वे पैसों को लेकर खुलकर और स्पष्ट बात करें। पार्टनर्स को एक-दूसरे की इनकम, लोन, सेविंग्स और फाइनेंशियल हैबिट के बारे जानकारी होनी चाहिए, जिससे बाद में गलतफेहमी की कोई गुंजाइश न रहे। साफ बातचीत से रियलस्टिक बजट बनाना आसान हो जाता है।
शादी के बाद मंथली बजट बनाना जरूरी
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि कपल्स को शादी के बाद मंथली बजट जरूर बनाना चाहिए। घर का किराया, राशन, बिजली बिल, ईएमआई, इंश्योरेंस और एंटरटेनमेंट जैसे खर्चों को कैटेगरी में बांटना बेहतर माना जाता है। इससे बेफिजूल के खर्च पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। कई फाइनेंशियल प्लानर्स 50-30-20 रूल अपनाने की सलाह भी देते हैं, जिसमें इनकम का एक हिस्सा जरूरतों, एक हिस्सा लाइफस्टाइकल और बाकी सेविंग्स-निवेश के लिए रखा जाता है।
इमरजेंसी फंड बनाना भी बेहद जरूरी
कपल्स के लिए इमरजेंसी फंड बनाना भी बेहद जरूरी माना जाता है। अचानक मेडिकल इमरजेंसी, जॉब चले जाने या किसी बड़े खर्च की स्थिति में यह फंड फाइनेंशिल सपोर्ट देता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम से कम 6 महीने के खर्च जितनी राशि इमरजेंस फंड में होनी चाहिए।
निवेश प्लानिंग शादी के बाद एक अहम जिम्मेदारी
निवेश प्लानिंग भी शादी के बाद एक अहम जिम्मेदारी बन जाती है। केवल सेविंग अकाउंट में पैसा रखने की बजाय लॉन्ग-टर्म गोल के हिसाब से निवेश शुरू करना जरूरी होता है। घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट प्लानिंग या ट्रैवल गोल्स के लिए SIP, PPF, FD और इंश्योरेंस जैसे ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है।
इंश्योरेंस को भी न करें नजरअंदाज
कपल्स को इंश्योरेंस को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शादी के बाद health insurance और term insurance दोनों जरूरी हो जाते हैं। अगर परिवार की आर्थिक निर्भरता बढ़ रही है तो पर्याप्त इंश्योरेंस कवर भविष्य की सुरक्षा के लिए अहम माना जाता है।
अकाउंट के बीच बैलेंस
इसके अलावा, कपल्स को Joint account और Personal account के बीच बैलेंस बनाकर चलने की सलाह दी जाती है। कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि घर के खर्चों के लिए जॉइंट अकाउंट बेहतर हो सकता है, जबकि व्यक्तिगत जरूरतों के लिए अलग पर्सनल सेविंग्स भी रखी जा सकती हैं।
