Gold Import: नवंबर में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 37.8 बिलियन डॉलर हो गया, जिसकी वजह सोने के आयात में चार गुना वृद्धि रही। भारत का गोल्ड इम्पोर्ट एक साल पहले के सिर्फ 3.44 अरब डॉलर से बढ़कर रिकॉर्ड 14.8 अरब डॉलर हो गया। मगर अब ये कहा जा रहा है कि सोने के आयात का ये आंकड़ा कैलकुलेशन में गलती से इतना अधिक हो गया है। जुलाई में गोल्ड इम्पोर्ट शिपमेंट की कैलकुलेशन का तरीका बदलने के बाद अधिकारियों ने गोदामों में सोने की खेपों की दोहरी गिनती कर दी, जिससे नतीजे में आयात का आंकड़ा बढ़ गया।
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लगातार बढ़ रहा सोने का आयात
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार इस साल जुलाई के बजट में सरकार द्वारा सोने के आयात पर शुल्क को 15% से घटाकर 6% कर दिया था, जिसके बाद से सोने के आयात में लगातार वृद्धि हुई है। लेकिन इस बढ़ोतरी ने विश्लेषकों को हैरान कर दिया। पर अब इसके सही न होने की बात सामने आई है।
गड़बड़ी का पता लगा तो क्या होगा
यदि वास्तव में आंकड़ों में कोई गड़बड़ पाई जाती है, तो ट्रेड के आंकड़ों में संशोधन किए जाने की संभावना है और फॉरेन एक्सचेंज रेट में कुछ सुधार की उम्मीद हो सकती है। यह आंकड़ों से अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में चल रही अटकलों को भी शांत करेगा।
दरअसल अर्थशास्त्री इस बात पर विचार कर रहे थे कि सोने की खरीद में उछाल संकट और मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव की आवश्यकता का संकेत है या फिर बेहतर फसल के कारण दूरदराज के इलाकों में समृद्धि का संकेत है।
कितना होता है आयात
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने का कुल आयात अभी भी 800-1,000 टन तक रह सकता है, जितना भारत सालाना आयात करता है। हालांकि ये फाइनल आंकड़े नहीं भी हो सकते हैं।
