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जुलाई से HDFC Bank दुनिया के दिग्गजों में होगा शामिल, SBI-ICICI रह गए पीछे

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jun 30, 2023, 03:15 PM IST

HDFC- HDFC Bank Merger Will Create Top Valuable Bank :एचडीएफसी बैंक ने पिछले साल चार अप्रैल को हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी का खुद में विलय करने पर सहमति जताई थी। यह करीब 3.28 लाख करोड़ रु (40 अरब डॉलर) की डील है। भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में इसे सबसे बड़ी मर्जर डील कहा गया है। इस डील के तहत एचडीएफसी के हर शेयरधारक को 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे।

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दुनिया के टॉप-5 बैंक में शामिल होगा HDFC Bank

HDFC- HDFC Bank Merger Will Create Top Valuable Bank :जुलाई से हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी (HDFC)का एचडीएफसी बैंक में (HDFC-HDFC Bank Merger)विलय हो जाएगा। इसके साथ ही देश को एक ऐसा बैंक मिलेगा दुनिया के टॉप बैंकों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा। मार्केट कैप के आधार पर नया HDFC Bank दुनिया का चौथा सबसे वैल्युएबल बैंक बन जाएगा। और उसकी गिनती जेपी मार्गन चेज (JP Morgan Chase),इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (Industrial and Commercial Bank of China) और बैंक ऑफ अमेरिका (Bank Of America) जैसे बैंकों में होगी। और यह उपलब्धि हासिल करना वाला यह देश का पहला बैंक हो जाएगा। यानी कि HDFC Bank मार्केट कैप (Equity Capitalisation) के मामले में भारत के सबसे बड़े बैंक SBI और प्राइवेट बैंक ICICI से भी आगे निकल जाएगा।

कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़े डील से बना नया HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक ने पिछले साल चार अप्रैल को हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी का खुद में विलय करने पर सहमति जताई थी। यह करीब 3.28 लाख करोड़ रु (40 अरब डॉलर) की डील है। भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में इसे सबसे बड़ी मर्जर डील कहा गया है। इस डील के तहत एचडीएफसी के हर शेयरधारक को 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे। इकोनॉमिक टाइम्स ने ब्लूमबर्ग के हवाले से बताया है कि इस विलय के बाद बैंक मार्केट कैप 172 अरब डॉलर (30 जून के आधार पर करीब 14 लाख करोड़ रुपये) हो जाएगी। और नए बैंक का कुल एसेट 18 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। और उसके पास कुल 12 करोड़ कस्टमर होगी। जो कि जर्मनी जैसे देश की आबादी के बराबर होगा।

वहीं SBI की मार्केट कैप करीब 5.11 लाख करोड़ और ICICI Bank की मार्केट कैप करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये है। जबकि जेपी मार्गन चेज की की मार्केट कैप 419 अरब डॉलर,इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना की 1.73 अरब डॉलर, बैंक ऑफ अमेरिका की 228.3 अरब डॉलर मार्केट कैप होगी।

36 साल पहले बना था HDFC

साल 1977 में ICICI BANK के पूर्व चेयरमैन एच.टी (H T Parekh) ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC की नींव रखी थी। तो उसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अपने भतीजे दीपक पारेख को चुना। आज हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC, 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनी बन चुकी है। और इसी से साल 1995 में प्राइवेट बैंक HDFC की नींव पड़ी और अब एक जुलाई से मूल कंपनी HDFC का बैंक में विलय हो जाएगा। और HDFC बैंक नई पहचान के साथ खड़ा होगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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