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Donald Trump On India: ट्रंप का भारत को लेकर दावा सही नहीं, नहीं हो रहा है दुरूपयोग-GTRI

Donald Trump On India: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने 17 सितंबर को भारत को आयात शुल्क का दुरुपयोग करने वाला करार दिया था। सच यह है कि भारत चुनिंदा उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाता है, लेकिन ट्रम्प का तर्क आवश्यक संदर्भ को नजरअंदाज करता है। इससे उनके आरोप अनुचित हैं।

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डोनॉल्ड ट्रंप

Donald Trump On India:अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का यह दावा अनुचित है कि भारत आयात शुल्क का दुरुपयोग करता है क्योंकि अमेरिका सहित कई देश कुछ उत्पादों पर उच्च सीमा शुल्क लगाकर अपने घरेलू उद्योगों की रक्षा करते हैं। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने 17 सितंबर को भारत को आयात शुल्क का दुरुपयोग करने वाला करार दिया था।

अमेरिका लगाता है उच्च शुल्क

जीटीआरआई ने रिपोर्ट में कहा, डब्ल्यूटीओ के ‘वर्ल्ड टैरिफ प्रोफाइल’ 2023 के अनुसार, अमेरिका डेयरी उत्पादों (188 प्रतिशत), फलों व सब्जियों (132 प्रतिशत), कॉफी, चाय, कोको तथा मसालों (53 प्रतिशत), अनाज व खाद्य पदार्थ (193 प्रतिशत), तिलहन, वसा व तेल (164 प्रतिशत), पेय पदार्थ व तंबाकू (150 प्रतिशत), मछली व मछली उत्पाद (35 प्रतिशत), खनिज व धातु (187 प्रतिशत) और रसायन (56 प्रतिशत) जैसी वस्तुओं पर उच्च शुल्क लगाता है।रिपोर्ट में कहा गया, ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था के विशिष्ट उत्पादों को उच्च शुल्क के साथ संरक्षित करता है।ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने तर्क दिया कि भारत ‘वाइन’ (मादक पेय पदार्थ) तथा मोटर वाहन सहित कुछ वस्तुओं पर उच्च शुल्क लगाता है। ये आंकड़े समग्र शुल्क परिदृश्य को नहीं दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, ट्रम्प का तर्क उच्च शुल्क वाले उत्पादों को अलग करता है जबकि औसत तथा व्यापार शुल्क की उपेक्षा करता है जो भारत की व्यापार नीति का बेहतर प्रतिनिधित्व करते हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने 17 सितंबर को भारत को आयात शुल्क का दुरुपयोग करने वाला करार दिया था। यह दावा उनके अक्टूबर 2020 के बयान से मेल खाता है जिसमें उन्होंने भारत को ' शुल्क का राजा' करार दिया था।

ट्रंप का दावा सही नहीं

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सच यह है कि भारत चुनिंदा उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाता है, लेकिन ट्रम्प का तर्क आवश्यक संदर्भ को नजरअंदाज करता है। इससे उनके आरोप अनुचित हैं।उन्होंने कहा कि कई देश कुछ वस्तुओं पर महत्वपूर्ण शुल्क लगाकर घरेलू उद्योगों की रक्षा करते हैं।भारत की औसत शुल्क दर 17 प्रतिशत है जो अमेरिका की 3.3 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि, दक्षिण कोरिया की शुल्क दर 13.4 प्रतिशत और चीन की शुल्क दर 7.5 प्रतिशत जैसी अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समान है। इसमें कहा गया, भारत ने आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ), जापान तथा दक्षिण कोरिया जैसे एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) साझेदारों से आयात पर सीमा शुल्क हटाकर मुक्त व्यापार के प्रति अपने खुलेपन का प्रदर्शन किया है।इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ट्रम्प औसत शुल्क के बारे में बात नहीं करते हैं, बल्कि भारत द्वारा लगाए गए सबसे अधिक शुल्क वाले उत्पादों को अलग करते हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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