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क्या होगा फायदा
वित्त मंत्रालय ने 10 जुलाई को जीएसटीआर-1ए फॉर्म अधिसूचित किया। कारोबारी सलाहकार कंपनी मूर सिंघी के एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर रजत मोहन ने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जीएसटीआर-1ए फॉर्म की वैकल्पिक सुविधा के साथ जीएसटी कम्प्लायंस फ्रेमवर्क में महत्वपूर्ण वृद्धि की है।
उन्होंने कहा कि समय पर सुधार की सुविधा प्रदान करके, फॉर्म जीएसटीआर-1ए यह सुनिश्चित करता है कि सही टैक्स लायबिलिटी फॉर्म जीएसटीआर-3बी में ऑटोमैटिक भर जाए, जिससे गलतियां कम होंगी और एक सुव्यवस्थित अनुपालन प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
कब तक फाइल किए जा सकते हैं जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी
केपीएमजी के अप्रत्यक्ष कर प्रमुख और साझेदार अभिषेक जैन ने कहा कि जीएसटीआर-1 में सुधार की अनुमति देने के लिए प्रावधान करना एक स्वागत योग्य कदम है। इससे व्यवसायों के लिए जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी के बीच नियमित मिलान पर होने वाले अनचाहे विवादों (खासकर अनजाने में होने वाली गलतियों) को रोकने में मदद मिलेगी।
पांच करोड़ रुपये तक के वार्षिक कारोबार वाले करदाता तिमाही के अंत के 13वें दिन के भीतर जीएसटीआर-1 दाखिल कर सकते हैं, जबकि जीएसटीआर-3बी अगले महीने के 22वें और 24वें दिन के बीच दाखिल किया जाता है।
