GST Reforms 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी की नई दरों का ऐलान किया है। कई वस्तुओं को शून्य जीएसटी श्रेणी में शामिल किया गया है, जबकि बड़ी संख्या में सामानों को उच्च दरों से घटाकर 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत स्लैब में स्थानांतरित किया गया है। पैनल ने मौजूदा चार स्लैब 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत को सरल बनाकर दो स्लैब में बदलने को मंजूरी दी है। अब यह ढांचा 5 और 18 प्रतिशत दरों का होगा। टाइम्सनाउ नवभारत ने नई जीएसटी दर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से बात की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
'जब कुछ मिलता है तो लालच भी आ जाता है'
पीयूष गोयल ने टाइम्सनाउ नवभारत के एक सवाल के जवाब में कहा, 'जब कोई चीज मिल जाती है, थोड़ा लालच भी आ जाता है कि थोड़ा और पहले मिलना चाहिए था। लालच यह आता है कि यह मिल गया तो उसके बेनिफिट, उसका लाभ तो मिल ही गया, पॉकेट में आ गया। मैं समझता हूं आपको ध्यान रखना होगा। जैसे मैंने कहा कि उस समय भी सर्विस टैक्स था। सब इंश्योरेंस पॉलिसी पर सर्विस टैक्स लगता था तो उस समय टैक्स रेवेन्यू मेंटेन करने के लिए राज्यों के और 14% हर वर्ष 5 साल के लिए गारंटी करना था कि उनको उतना मिलते रहेगा और कोविड के समय भी दिया गया और जब तक वह पूरा।
विपक्ष ने किया विरोध
उन्होंने आगे कहा, 'रीइंबर्समेंट नहीं हो जाता है तब तक इतना बड़ा बदलाव शायद संभव भी नहीं होता। आखिर यह सब निर्णय कंसेंसेस से लिए जाते हैं। कल के भी सब बदलाव कंसेंसस से हुए। कई हमने प्रस्ताव पहले रखे हैं जीएसटी काउंसिल में। जहां विपक्षी दलों ने अपोज करके हमें करने भी नहीं दिए। कई बार आपने देखा है पहले के दिनों में। तो मैं समझता हूं कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की अर्थव्यवस्था को, समय के अनुसार, समय समय पर लोगों को लाभ देने का काम किया। इससे जनता में खुशी की लहर है। ₹12 लाख तक कोई टैक्स इनकम टैक्स नहीं लगेगा इस साल के बजट में। आपको ध्यान होगा तो एक एक कंटीन्यूअस प्रोसेस रहता है मोदी जी का कि लोगों तक लाभ पहुंचे। लोगों का जीवन और अच्छा हो और अब तो यह शुरुआत है। अब तो और बहुत सारी चीजें मोदी जी के ध्यान में आई है। उनके मन में है कि हमें और बहुत सारे बदलाव इस देश में लाने हैं।'
आज इन्फ्लेशन महंगाई आज 1.55 पर है
मंत्री ने कहा, 'मैं समझता हूं कि परिस्थिति आर्थिक किस प्रकार से डेवलप हुई है, उसके आधार पर लाभ देने का काम और हमारी क्षमता बनती रहती है। अब आपको ध्यान होगा कि इन्फ्लेशन महंगाई आज 1.55 पर आ गई है। लोएस्ट है वर्षों। वर्षों में इतनी कम महंगाई की दर नहीं रही, पर यह करने के लिए समय लगा। यह करने में बहुत मेहनत लगी। यह करने के लिए बहुत कदम उठाने पड़े। तो ऐसे समय पर हर एक चीज उस समय की आर्थिक परिस्थिति के हिसाब से तय होती है।'
