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GST Council: जीएसटी परिषद बीमा प्रीमियम पर कराधान, ऑनलाइन गेमिंग रिपोर्ट पर करेगी विचार

GST Council: जीएसटी परिषद ने अगस्त, 2023 में अपनी बैठक में स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन गेमिंग मंचों को 28 प्रतिशत कर का भुगतान करना होगा। बाद में कराधान प्रावधान को स्पष्ट करने के लिए केंद्रीय जीएसटी कानून में संशोधन किया गया था। विदेशी गेमिंग मंचों के लिए भी जीएसटी अधिकारियों के पास पंजीकरण करना और करों का भुगतान करना अनिवार्य किया गया। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार वैसी साइट को ब्लॉक कर देगी।

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जीएसटी की मीटिंग।

Photo : iStock

GST Council: जीएसटी परिषद सोमवार को होने वाली बैठक में बीमा प्रीमियम पर कराधान, दरों को तर्कसंगत बनाने पर मंत्री समूह के सुझाव और ऑनलाइन गेमिंग पर स्थिति रिपोर्ट समेत अन्य मुद्दों पर विचार कर सकती है। सूत्रों ने कहा कि फिटमेंट समिति जीवन, स्वास्थ्य और पुनर्बीमा प्रीमियम पर लगाए जाने वाले जीएसटी और राजस्व प्रभाव पर एक रिपोर्ट पेश करेगी। समिति में केंद्र और राज्य कर अधिकारी शामिल हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद इस बात पर फैसला करेगी कि स्वास्थ्य बीमा पर कर का बोझ मौजूदा 18 प्रतिशत से कम किया जाए या वरिष्ठ नागरिकों जैसे कुछ श्रेणियों के व्यक्तियों को छूट दी जाए। परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं।

जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से मुक्त रखने की मांग

जीवन बीमा प्रीमियम पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के संबंध में भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। केंद्र और राज्यों ने 2023-24 में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी के माध्यम से 8,262.94 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जबकि स्वास्थ्य पुनर्बीमा प्रीमियम पर जीएसटी से 1,484.36 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। बीमा प्रीमियम पर कराधान का मुद्दा संसद में उठ चुका है। विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से मुक्त रखा जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मुद्दे पर सीतारमण को पत्र लिखा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा था कि जीएसटी प्राप्ति का 75 प्रतिशत राज्यों को जाता है और विपक्षी सदस्यों को अपने राज्य के वित्त मंत्रियों से जीएसटी परिषद में प्रस्ताव लाने के लिए कहना चाहिए। पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पिछले महीने दर को युक्तिसंगत बनाने पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक में यह मुद्दा उठाया था और मामले को आगे के विश्लेषण के लिए फिटमेंट समिति को भेजा गया था। मंत्री समूह (जीओएम) ने फिलहाल 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार स्तरीय जीएसटी स्लैब में किसी भी तरह की बदलाव को लेकर असहमति जतायी थी। हालांकि, समूह ने फिटमेंट समिति से वस्तुओं और सेवाओं की दरों को तर्कसंगत बनाने की संभावना पर विचार करने को कहा था।

ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर जीएसटी के फैसले पर रहेगी नजर

ऑनलाइन गेमिंग के संबंध में केंद्र और राज्य कर अधिकारी जीएसटी परिषद के समक्ष ‘स्थिति रिपोर्ट’ पेश करेंगे। रिपोर्ट में एक अक्टूबर, 2023 से पहले और बाद में ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र से होने वाले जीएसटी राजस्व संग्रह की बात शामिल होगी। ऑनलाइन गेमिंग मंच और कसीनो पर एक अक्टूबर, 2023 से लगाये गये प्रवेश स्तर के दांव 28 प्रतिशत जीएसटी लग रहे हैं। इससे पहले, कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां 28 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान नहीं कर रही थीं, उनका यह तर्क था कि कौशल के खेल और किस्मत के खेल के लिए अलग-अलग कर दरें थीं।

ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर कर दरों में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं

परिषद ने तब निर्णय लिया था कि इसके क्रियान्वयन के छह महीने बाद ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर कराधान की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों ने कहा कि परिषद क्षेत्र पर कराधान की स्थिति पर विचार-विमर्श करेगी। इस मामले में कर दरों में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं है। इसके अलावा, परिषद को फर्जी पंजीकरण के खिलाफ चल रहे अभियान, इसकी सफलता और ऐसी संस्थाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी अवगत कराये जाने की संभावना है। संदिग्ध जीएसटी चोरी की कुल राशि भी परिषद के समक्ष रखी जाएगी। साथ ही, परिषद पिछली बैठक में घोषित छूट या माफी योजना सहित अधिसूचनाओं को भी मंजूरी देगी। परिषद की 22 जून को हुई बैठक में तय किए गए जीएसटी कानून में विभिन्न संशोधनों को वित्त अधिनियम, 2024 के माध्यम से संसद में मंजूरी दी गयी।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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