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ये चीजें होंगी सस्ती, इन वस्तुओं पर करना होगा मोटा खर्च, GST के नए स्लैब का आपकी जेब पर क्या होगा असर?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार रात बताया कि अब देश में जीएसटी के दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत प्रभावी रहेंगे। ये स्लैब 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे। खास बात यह है कि सरकार ने जरूरत की कई चीजों पर स्लैब शून्य कर दिया है जबकि लग्जरी एवं तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत का टैक्स स्लैब लगेगा।

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22 सितंबर से लागू होंगे जीएसटी दो स्लैब। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

GST slab: वस्तु एवं सेवा कर यानी (GST) के चार स्लैब घटकर अब दो रह गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार रात बताया कि अब देश में जीएसटी के दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत प्रभावी रहेंगे। ये दो स्लैब 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे। खास बात यह है कि सरकार ने जरूरत की कई चीजों पर स्लैब शून्य कर दिया है जबकि लग्जरी एवं तंबाकू उत्पादों पर अब 40 प्रतिशत का टैक्स स्लैब लगेगा। यानी ये उत्पाद महंगे हो जाएंगे। दूध, छेना, पनीर, पिज्जा और ब्रेड पर टैक्स जीरो कर दिया गया है। पहले इन उत्पादों पर 5 प्रतिशत टैक्स लगता था।

सस्ते हुए (Tax घटा या हटाया गया)

(5% से Nil)

1. UHT दूध

2. छेना/पनीर (पैक्ड)

3. पिज़्ज़ा ब्रेड

4. खाखरा, चपाती, रोटी

(18% से Nil)

1. पराठा, परोट्टा और अन्य इंडियन ब्रेड

2. (12% से 5%) – मुख्य खाद्य व उपभोक्ता वस्तुएँ

3. कंडेन्स्ड मिल्क

4. घी, बटर, डेयरी फैट्स

5. चीज़

6. सूखे मेवे: बादाम, पिस्ता, हेज़लनट, चेस्टनट, ब्राज़ील नट्स, खजूर, अंजीर, अनानास, अमरूद, आम (स्लाइस/सूखे छोड़कर) आदि

7. खट्टे फल सूखे (संतरा, नींबू, मौसमी आदि)

8. अन्य ड्राय फ्रूट मिक्स

9. मॉल्ट, स्टार्च, इनुलिन

10. मांस/फिश/झींगे से बने प्रोडक्ट्स

11. चीनी व शुगर क्यूब्स

12. पास्ता, नूडल्स, स्पेगेटी, लज़ान्या आदि

13. बिस्कुट/केक/पेस्ट्री (कुछ कैटेगरी)

14. स्नैक्स, नमकीन, भुजिया (पैक्ड)

15. सॉस, मेयो, कर्री पेस्ट आदि

16. आइसक्रीम

17. सोया बड़ी, मूंगोड़ी

18. शुगर कन्फेक्शनरी, टॉफी

19. फलों का जूस, नारियल पानी (पैक्ड)

20. चाय/कॉफी, चिकोरी

21. सूप, ब्रॉथ

22. आटा/स्टार्च आधारित खाद्य प्रोडक्ट्स

23. कई तरह की दवाइयाँ, मेडिकल इक्विपमेंट (ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट्स, ब्लड टेस्ट स्ट्रिप्स, थर्मामीटर, मेडिकल मशीनें आदि)

24. टॉयलेट सोप, शैम्पू, टूथपेस्ट, टूथपाउडर, हेयर ऑयल, शेविंग क्रीम

25. स्कूल नोटबुक्स, कॉपी, ग्राफ बुक्स

26. बच्चों के खिलौने, पेंसिल, क्रेयोन्स, शार्पनर

27. बर्तन (लोहा, स्टील, कॉपर, ब्रास, एल्युमिनियम)

28. हैंडीक्राफ्ट आइटम्स (लकड़ी, पत्थर, धातु, ग्लास, जूट, कॉर्क आदि)

29. नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण (सोलर, विंड, बायोगैस, वेव एनर्जी आदि)

30. ट्रैक्टर, साइकिल, छोटे इंजन व पार्ट्स

31. जूते (₹2500 से कम कीमत वाले)

32. फर्नीचर (बांस, बेंत, गद्दे ₹2500 से कम वाले)

33. कपड़े व टेक्सटाइल (₹2500 तक के)

महंगे हुए (Tax बढ़ा)

1. पान मसाला: 28% → 40%

2. अन्य फ्लेवर्ड/एरेटेड नॉन-अल्कोहलिक बेवरेजेस: 18%/28% → 40%

3. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, एनर्जी/कैफीन ड्रिंक्स: 28% → 40%

4. सिगरेट, सिगार, तंबाकू प्रोडक्ट्स (कुछ को छोड़कर): 28% → 40%

5. बीड़ी: 28% → 18% (⚠️ ये सस्ता हुआ है, बाकी तंबाकू महंगा)

6. 350cc से ऊपर मोटरसाइकिल: 28% → 40%

7. लक्ज़री कारें, बड़ी हाइब्रिड कारें: 28% → 40%

8. यॉट्स, प्राइवेट एयरक्राफ्ट: 28% → 40%

9. रिवॉल्वर, पिस्टल: 28% → 40%

10. स्मोकिंग पाइप, हुक्का एसेसरी: 28% → 40%

कृषि क्षेत्र (12% → 5%)

1. फिक्स्ड स्पीड डीज़ल इंजन (15HP तक की शक्ति वाले)

2. हाथ से चलने वाले पम्प (Other hand pumps)

3. ड्रिप इरिगेशन इक्विपमेंट या स्प्रिंकलर के लिए नोज़ल

4. स्प्रिंकलर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम (लेट्रल्स सहित), मैकेनिकल स्प्रेयर

5. कृषि, हॉर्टिकल्चर या फॉरेस्ट्री के लिए मिट्टी तैयार करने या खेती के लिए मशीनें; लॉन/स्पोर्ट्स ग्राउंड रोलर; इनके पार्ट्स

6. हार्वेस्टिंग या थ्रेशिंग मशीनें, स्ट्रॉ या चारे की गट्ठर बनाने की मशीनें, घास काटने की मशीनें; इनके पार्ट्स

7. अन्य कृषि, हॉर्टिकल्चर, फॉरेस्ट्री, पोल्ट्री-कीपिंग या बी-कीपिंग मशीनरी; बीज अंकुरण के लिए थर्मल/मैकेनिकल उपकरण; पोल्ट्री इनक्यूबेटर और ब्रूडर; इनके पार्ट्स

8. कम्पोस्टिंग मशीनें

9. ट्रैक्टर (सिवाय रोड ट्रैक्टर फॉर सेमी-ट्रेलर जिनकी इंजन क्षमता 1800 cc से ज्यादा है)

10. कृषि उद्देश्यों के लिए सेल्फ-लोडिंग या सेल्फ-अनलोडिंग ट्रेलर

उर्वरक (18% → 5%)

1. सल्फ्यूरिक एसिड

2. नाइट्रिक एसिड

3. अमोनिया

ट्रैक्टर और पार्ट्स (18% → 5%)

1. रियर ट्रैक्टर टायर और ट्यूब्स

2. ट्रैक्टर के टायर

3. ट्रैक्टर टायर ट्यूब

4. 250cc से अधिक क्षमता वाला ट्रैक्टर डीज़ल इंजन

5. ट्रैक्टर के लिए हाइड्रॉलिक पम्प

6. ट्रैक्टर पार्ट्स (व्हील रिम, हाउसिंग, ट्रांसमिशन, फ्रंट एक्सल, ब्रेक असेंबली, गियरबॉक्स, ट्रांसएक्सल, रोड व्हील्स, रेडिएटर, साइलेंसर, क्लच, स्टीयरिंग व्हील्स, फेंडर, हुड, ग्रिल, फ्यूल टैंक आदि)

कोल सेक्टर (5% → 18%)

1. कोयला

2. लिग्नाइट

3. पीट

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, (12% → 5%)

1. नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण और इनके पार्ट्स:

2. बायोगैस प्लांट

3. सोलर पावर आधारित डिवाइस

4. सोलर पावर जेनरेटर

5. विंड मिल, विंड ऑपरेटेड इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर (WOEG)

6. वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट/डिवाइस

7. सोलर लालटेन / सोलर लैंप

8. ओशन वेव्स / टाइडल वेव्स एनर्जी डिवाइस/प्लांट

9. फोटोवोल्टाइक सेल्स (चाहे मॉड्यूल/पैनल में असेंबल हों या न हों)

शिक्षा क्षेत्र में बदलाव (5% → Nil)

रबर

(12% → Nil)

1. नक्शे और हाइड्रोग्राफिक या इसी तरह के चार्ट

(एटलस, वाल मैप्स, टोपोग्राफिकल प्लांस, ग्लोब)

2. पेंसिल शार्पनर

3. पेंसिल (साधारण, प्रोपेलिंग/स्लाइडिंग), क्रेयॉन्स, पेस्टल्स, चारकोल, दर्ज़ी की चॉक

4. एक्सरसाइज बुक, ग्राफ बुक, लेबोरेटरी नोट बुक, सामान्य नोटबुक

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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