Stock Market Outlook For 2025: भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और लगातार इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के चलते 2025 में भी शेयर बाजार में तेजी जारी रह सकती है। यह बयान सोमवार को एक्सपर्ट ने दिया है। श्रीराम एएमसी में सीनियर फंड मैनेजर, दीपक रामाराजू ने कहा कि कैपिटल गुड्स, टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, खपत और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में तेजी आने की उम्मीद है, जबकि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्र निवेशकों का अधिक ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। 2024 भारतीय शेयर बाजार के लिए एक उतार-चढ़ाव वाला वर्ष रहा। इसकी वजह अर्थव्यवस्था का धीमा होना, लिक्विडिटी की सख्त स्थिति और सरकारी खर्च में देरी होना था।
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सरकार का पूंजीगत खर्च
रामाराजू ने आगे कहा कि हाल ही में आरबीआई द्वारा सीआरआर में कटौती से लिक्विडिटी की स्थिति में नरमी आने की उम्मीद है। साथ ही सरकारी खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है। इन दो फैक्टरों के कारण इंडस्ट्रियल आउटपुट और उपभोग में सुधार होने की संभावना है।
अक्टूबर 2024 तक सरकार का पूंजीगत खर्च 4,66,545 करोड़ रुपये रहा। इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सरकार द्वारा निवेश बढ़ाने से इन्फ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और रेलवे जैसे क्षेत्रों में सुधार देखने को मिल सकता है।
ब्याज दरों में कटौती की संभावना
रामाराजू ने आगे विस्तार से बताया कि शहरी खपत में धीमापन होने के कारण एफएमसीजी सेक्टर पर नकारात्मक असर हुआ है, लेकिन अब इसमें रिकवरी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह सरकारी खर्च में सुधार होना और वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में ब्याज दरों में कटौती की संभावना है।
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च टीम ने कहा कि 2024 भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए एक उल्लेखनीय वर्ष रहा है, खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों के लिए, जिन्होंने उल्लेखनीय रूप से बेहतर प्रदर्शन किया है।
स्मॉलकैप और मिडकैप का प्रदर्शन
टीम ने आगे कहा कि 2025 में भी स्मॉलकैप और मिडकैप का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स, जिसने हाल ही में एक मल्टी-ईयर रुकावट के स्तर का ब्रेकआउट दिया है 22,700 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 67,700 के स्तर को छू सकता है। (इनपुट - आईएएनएस)
