Sahara India: सहारा इंडिया में देश के करोड़ों लोगों के पैसे फंसे हैं। केंद्र सरकार ने लोगों के फंसे पैसे को वापस दिलाने के लिए इस साल 4 अगस्त को सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल (Sahara India Refund Portal) लॉन्च किया था। सहारा में फंसे लोगों के पैसे को लेकर सरकार ने आज संसद में बड़ी बात कही है। बुधवार को राज्यसभा में सरकार ने कहा कि सहारा समूह के तीन करोड़ निवेशकों ने कंपनी की सहकारी समितियों में फंसे 80,000 करोड़ रुपये वापस लेने की मांग की है। सहारा समूह से अधिक धनराशि पाने के लिए वह फिर से उच्चतम न्यायालय जाएगी।
80,000 करोड़ की मांग सरकार के पास 5,000 करोड़
सहकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने निवेशकों के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है, जहां वे अपने फंसे पैसे पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वर्मा ने कहा कि अब तक तीन करोड़ निवेशकों ने 80,000 करोड़ रुपये वापस पाने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि हमने 45 दिनों में निवेशकों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू की है। हमें 5,000 करोड़ रुपये मिल गए हैं।
फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
उन्होंने कहा कि हम सभी निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए और अधिक धनराशि प्राप्त करने के लिए (सहारा समूह से) फिर उच्चतम न्यायालय जाएंगे। सहारा समूह के निवेशकों का एक-एक पैसा लौटाया जाएगा। वर्मा ने कहा कि कई निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि (पोर्टल पर) प्रक्रिया से गुजरने वाले सभी निवेशकों को उनका पैसा वापस मिलेगा।
बता दें कि सेबी के पास सहारा-सेबी रिफंड खाते में पड़े 24,979.67 करोड़ रुपये की कुल राशि में से, 5000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों को ट्रांसफर किए गए है। बाकी के पैसे के लिए सरकार एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
4 सहकारी समितियों के निवेशकों का पैसा
बता दें कि सहारा ग्रुप की 4 सहकारी समितियों के डिपॉजिटर्स CRCS-Sahara Refund Portal पर रजिस्ट्रेशन कर अपने फंसे पैसा की वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन सहकारी समितियों में सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 5,000 करोड़ रु सहारा-सेबी रिफंड खाते से केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को ट्रांसफर करने के आदेश दिया था। इसके बाद सरकार सहारा में निवेश करने वाले निवेशकों के फंसे पैसे की वापसी के लिए पोर्टल लॉन्च किया था।
