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LIC और EPF खातों में पड़े हैं 16649 करोड़ रुपये, कहीं आपका भी पैसा तो नहीं? ऐसे करें क्लेम

LIC और EPF खातों में 16,649 करोड़ रुपये से ज्यादा की अनक्लेम्ड राशि पड़ी है। सरकार ने लोगों से पुराने रिकॉर्ड जांचकर अपना पैसा क्लेम करने की अपील की है।

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LIC और EPF में पड़े पैसों पर सरकार का बड़ा अपडेट

Photo : iStock

LIC-EPF Unclaimed Amount: अगर आपने नौकरी बदलने के बाद अपना पुराना EPF खाता चेक नहीं किया है या किसी पुरानी LIC पॉलिसी का पैसा क्लेम नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि LIC और निष्क्रिय EPF खातों में कुल 16,649.06 करोड़ रुपये की राशि पड़ी हुई है, जिसे अब तक संबंधित लोगों ने क्लेम करके नहीं लिया है। वित्त मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, इसमें LIC के पॉलिसीधारकों का 7,318.50 करोड़ रुपये और EPFO के निष्क्रिय खातों में 9,330.56 करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार ने लोगों से अपने पुराने निवेश और रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने की अपील की है, ताकि वे अपना बकाया पैसा वापस प्राप्त कर सकें।

LIC में 7,318 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनक्लेम्ड पैसा

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि 31 मार्च तक LIC के पास पॉलिसीधारकों का हजारों करोड़ रुपये का पैसा ऐसा पड़ा है, जिसे अभी तक क्लेम नहीं किया गया है। यह रकम उन पॉलिसियों से जुड़ी हो सकती है, जिनके मैच्योरिटी लाभ, सर्वाइवल बेनिफिट या अन्य भुगतान लेने के लिए ग्राहक आगे नहीं आए हैं। सरकार ने बताया कि LIC लगातार ऐसे पॉलिसीधारकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके लिए ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पते पर पत्र और SMS भेजे जा रहे हैं, ताकि उन्हें अपने लंबित भुगतान के बारे में जानकारी मिल सके।

LIC का अनक्लेम्ड पैसा कैसे क्लेम करें?

अगर आपकी किसी पुरानी LIC पॉलिसी का पैसा बाकी है, तो आप LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी जन्म तिथि, नाम या PAN नंबर दर्ज करना होगा। अगर आपका नाम अनक्लेम्ड राशि में मिलता है, तो आपको जरूरी दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी (NEFT डिटेल) जमा करनी होगी। इसके बाद LIC पैसा सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकता है। LIC अपने पॉलिसीधारकों तक पहुंचने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पते पर SMS व पत्र भेजता है। अगर संपर्क नहीं हो पाता है तो LIC अपनी शाखाओं, एजेंटों और बीमा सखियों की मदद से पॉलिसीधारकों या लाभार्थियों को खोजने की कोशिश करता है। कंपनी ने पॉलिसीधारकों की अपडेट जानकारी जुटाने के लिए क्रेडिट ब्यूरो एजेंसी की सेवाएं भी ली हैं।

EPF खातों में पड़े हैं 9,330 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार ने बताया कि EPFO में तकनीकी रूप से अनक्लेम्ड अकाउंट नहीं होते, बल्कि कुछ खातों को इनऑपरेटिव अकाउंट की कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे खातों में कुल 9,330.56 करोड़ रुपये की राशि जमा है। ये खाते अक्सर तब निष्क्रिय हो जाते हैं, जब कर्मचारी नौकरी बदलने के बाद पुराने EPF खाते को ट्रांसफर नहीं करते या लंबे समय तक उसमें कोई लेनदेन नहीं होता।

EPF खाते में पड़ा पैसा कैसे मिलेगा?

EPFO ने निष्क्रिय खातों की पहचान कर सदस्यों के लिए पैसा निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। जिन खातों में KYC पूरी है, उन्हें विशेष कैटेगरी में रखा गया है। EPFO ने आधार से सत्यापित निष्क्रिय खातों में 1,000 रुपये या उससे कम की अनक्लेम्ड राशि के लिए ऑटो क्लेम सेटलमेंट की पायलट योजना शुरू की है। इसके तहत राशि बिना नए क्लेम और अतिरिक्त दस्तावेज के सदस्य के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जा रही है। इस पहल से पुराने EPF खाताधारकों को अपना पैसा वापस पाने में आसानी होगी और लंबे समय से पड़े निष्क्रिय खातों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।

अगर पैसा लंबे समय तक क्लेम न किया जाए तो क्या होगा?

LIC से जुड़ी राशि को लेकर सरकार ने बताया कि बीमा नियमों के अनुसार, अगर कोई बीमा राशि 10 साल से अधिक समय तक क्लेम नहीं की जाती है, तो उसे सीनियर सिटीजंस वेलफेयर फंड (SCWF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है। वहीं EPF खातों में जमा राशि को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इन पैसों को किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने की कोई योजना नहीं है।

पुराने खाते जरूर करें चेक

सरकार की इस जानकारी से साफ है कि बड़ी संख्या में लोगों का पैसा पुराने LIC और EPF खातों में पड़ा हुआ है। इसलिए नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों और पुराने बीमा पॉलिसीधारकों को अपने रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए। समय रहते क्लेम करने से आपका पैसा आसानी से वापस मिल सकता है और भविष्य में किसी परेशानी से बचा जा सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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