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पिछले 10 वर्षों में कितना 'काला धन' देश में वापस आया और कितना विदेश भेजा गया? सरकार ने दिया ये जवाब

Black Money Updates: सरकार ने लोकसभा को बताया कि काले धन पर बड़ा बयान दिया। तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय के लिखित प्रश्न पूछा था कि पिछले 10 वर्षों में कितना काला धन देश में वापस आया और कितना विदेश भेजा गया।

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कालेधन पर लोकसभा में सरकार का खुलासा (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Black Money Updates : सरकार ने सोमवार को लोकसभा में काले धन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में कितनी “अघोषित आय” देश से बाहर गई, इसका कोई आधिकारिक अनुमान उपलब्ध नहीं है। यह जवाब तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय द्वारा पूछे गए लिखित प्रश्न के बाद आया। उन्होंने पूछा था कि पिछले 10 वर्षों में कितना काला धन देश में वापस लाया गया और कितना विदेश ले जाया गया।

कानूनों में ‘काले धन’ की कोई परिभाषा नहीं

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि आयकर अधिनियम, 1961 या धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 में “काले धन” शब्द का कोई कानूनी उल्लेख नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि काले धन को कानूनी रूप से सीधे तौर पर परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन अघोषित आय और विदेशी संपत्ति के मामले में संबंधित कानून लागू हैं।

काले धन की घोषणा और वसूली

कर अधिनियम 2015, जिसे “काला धन अधिनियम” के नाम से भी जाना जाता है, 1 जुलाई 2015 को लागू हुआ। इसके लागू होने के समय नागरिकों को तीन महीने की एकमुश्त समय सीमा दी गई, जिसमें वे अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा कर सकते थे। इस घोषणा के दौरान कुल 684 मामले सामने आए और कुल 4,164 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति की जानकारी दी गई।

इस अधिनियम के तहत इन मामलों में सरकार ने टैक्स और जुर्माने के रूप में करीब 2,476 करोड़ रुपये की राशि वसूल की। यह रकम केवल उन संपत्तियों पर लगे टैक्स और जुर्माने की है जो इस अधिनियम के तहत घोषित की गई थीं। इसके अलावा पिछले 10 वर्षों में इस कानून के तहत टैक्स, जुर्माना और ब्याज के रूप में कुल 339 करोड़ रुपये वसूले गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि कानून के लागू होने से पहले और बाद में सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण राशि वसूल की, लेकिन इसका संपूर्ण आंकड़ा काले धन की वास्तविक मात्रा का अनुमान नहीं दे सकता।

देश से बाहर ले जाए गए काले धन का कोई आंकड़ा नहीं

मंत्री पंकज चौधरी ने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश से बाहर ले जाए गए अघोषित आय की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। यानी सरकार के पास इस बात का कोई ठोस आंकड़ा नहीं है कि कितना पैसा भारतीयों ने विदेश में छुपाकर रखा या वहां निवेश किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि काले धन को रोकने और उसकी निगरानी करने में अभी भी चुनौतियां मौजूद हैं।

सरकार के जवाब से यह साफ हुआ कि काले धन के मुद्दे पर न तो कोई ठोस आंकड़ा उपलब्ध है और न ही पूरी तरह से इसका पता लगाया जा सकता है। हालांकि, 2015 में लागू कानून ने कुछ अघोषित संपत्तियों का खुलासा कराया और टैक्स/जुर्माने के रूप में करोड़ों रुपये वसूले गए। लेकिन देश से बाहर जाने वाली राशि का कोई सरकारी अनुमान नहीं है। यह दर्शाता है कि काले धन की समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है और इसे नियंत्रित करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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