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कृषि एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं? कृषि मंत्री ने शुरू की 'PRAGATI' स्कीम

PRAGATI Scheme: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘प्रगति’ योजना शुरू की, जिसके तहत 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाया जाएगा। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देगी।

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किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी पहल (तस्वीर-X)

PRAGATI Scheme : केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को 'प्रगति' (PRAGATI) नाम की एक नई योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत देश के 20,000 ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी (एग्री-एंटरप्रेन्योर) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित युवा गांवों में किसानों की मदद करेंगे, जिससे खेती अधिक आधुनिक, लाभदायक और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी।

आठ राज्यों में शुरू होगा कार्यक्रम

कृषि मंत्रालय के अनुसार, इस योजना की शुरुआत पहले चरण में 8 राज्यों में की जाएगी। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड शामिल हैं। इन राज्यों के ग्रामीण युवाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें गांव स्तर पर किसानों के लिए तकनीकी और व्यावसायिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया जाएगा। बाद में इस पहल का दायरा अन्य राज्यों तक भी बढ़ाया जा सकता है।

कृषि-उद्यमियों को क्या-क्या सिखाया जाएगा?

'प्रगति' योजना के तहत चयनित युवाओं को खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें मिट्टी की जांच (सॉइल टेस्टिंग), आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग, कृषि मशीनों की सेवाएं उपलब्ध कराना, किसानों को बैंक और वित्तीय संस्थानों से जोड़ना तथा उनकी उपज को बेहतर बाजार दिलाने जैसी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये युवा अपने-अपने गांवों में किसानों के सलाहकार के रूप में काम करेंगे और खेती को अधिक वैज्ञानिक और लाभदायक बनाने में सहयोग देंगे।

छोटे किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का कहना है कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। गांवों में प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी किसानों को सही समय पर सही सलाह देंगे। इससे खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। साथ ही किसान नई तकनीकों और आधुनिक मशीनों का उपयोग आसानी से कर सकेंगे। इससे उनकी आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

पर्यावरण के अनुकूल खेती पर रहेगा जोर

'प्रगति' योजना का एक प्रमुख उद्देश्य खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाना भी है। इसके तहत किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार चाहती है कि किसान धीरे-धीरे केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को अपनाएं, ताकि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके।

शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?

कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'प्रगति' केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बदलाव का एक मजबूत संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों में ऐसे युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है, जो किसानों तक आधुनिक तकनीक, बेहतर जानकारी और बाजार की सुविधाएं पहुंचा सके। इससे खेती को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

निजी क्षेत्र का भी मिलेगा सहयोग

सरकार ने इस कार्यक्रम को देश का सबसे बड़ा निजी सहयोग वाला कृषि-एंटरप्रेन्योर अभियान बताया है। इस पहल को कई प्रमुख संस्थानों का समर्थन मिल रहा है। इनमें पेप्सिको फाउंडेशन, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित संगठन शामिल हैं। इन संस्थाओं के सहयोग से प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

पहले की पहल का होगा विस्तार

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक कृषि मंत्रालय ने बताया कि 'प्रगति' योजना पहले से चल रही एक सफल पहल के अनुभवों पर आधारित है। पहले भी विभिन्न राज्यों में कृषि-उद्यमियों को प्रशिक्षित किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। अब उसी मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल सके और किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

खेती और गांवों के विकास की नई उम्मीद

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को गांव में ही विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी। आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार संपर्क और वैज्ञानिक खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार को उम्मीद है कि 'प्रगति' योजना खेती को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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