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Ethanol Price: एथनॉल की कीमतें बढ़ाने की तैयारी, पेट्रोल में 20 फीसदी करना चाहती है सरकार, चीनी मिलों को फायदा

Ethanol: सरकार द्वारा तय की गई एथनॉल की कीमतें 2022-23 सत्र (नवंबर-अक्टूबर) से यथावत हैं। वर्तमान में गन्ने के रस से उत्पादित एथनॉल की कीमत 65.61 रुपये प्रति लीटर है, जबकि ‘बी-हेवी’ और ‘सी-हेवी’ एथनॉल की दरें क्रमशः 60.73 रुपये और 56.28 रुपये प्रति लीटर हैं।

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एथनॉल की बढ़ेगी कीमत

Ethanol:सरकार नवंबर 2024 से शुरू होने वाले सत्र के लिए एथनॉल की कीमतों में वृद्धि के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। साथ ही वह कच्चे माल के विविधीकरण पर भी जोर दे रही है, क्योंकि वह 2025-26 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। इस संबंध में पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने प्रस्ताव पर एक दौर की चर्चा पहले ही कर ली है। इसके तहत एथनॉल की कीमतों में संशोधन गन्ने के उचित तथा लाभकारी मूल्य के आधार पर किया जाएगा।सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसके पहले चीनी उद्योग ने एथनॉल की कीमत में वृद्धि, चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य में वृद्धि और चीनी निर्यात की अनुमति की मांग की है।

क्या है योजना

सरकार से जुड़े सूत्र के अनुसार, उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा सम्मिश्रण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मूल्य संशोधन पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए एथनॉल की कीमतों में संशोधन गन्ने के उचित तथा लाभकारी मूल्य के आधार पर किया जाएगा। इसके पहले सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत 2030 की मूल समयसीमा से पहले ही 2025-26 तक 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा।

सरकार द्वारा तय की गई एथनॉल की कीमतें 2022-23 सत्र (नवंबर-अक्टूबर) से यथावत हैं। वर्तमान में गन्ने के रस से उत्पादित एथनॉल की कीमत 65.61 रुपये प्रति लीटर है, जबकि ‘बी-हेवी’ और ‘सी-हेवी’ गुड़ से उत्पादित एथनॉल की दरें क्रमशः 60.73 रुपये और 56.28 रुपये प्रति लीटर हैं।

चीनी मिलों को फायदा

सूत्रों ने बताया कि सरकार एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम को अपनी हरित ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण मानती है।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में एथनॉल मिश्रण चालू सत्र में जुलाई तक 13.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो 2022-23 सत्र में 12.6 प्रतिशत था।देश की कुल एथनॉल उत्पादन क्षमता वर्तमान में 1,589 करोड़ लीटर है, पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने 2023-24 सीजन के दौरान मिश्रण के लिए 505 करोड़ लीटर एथनॉल खरीदा है। इसके पहले चीनी उद्योग ने एथनॉल की कीमत में वृद्धि, चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य में वृद्धि और चीनी निर्यात की अनुमति की मांग की है। हालांकि, सरकार एथनॉल उत्पादन और मिश्रण लक्ष्यों को प्राथमिकता दे रही है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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