Government Increase FRP Of Sugar Cane:केंद्र सरकार ने बुधवार गन्ना किसानों को FRP बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। सरकार ने 2023-24 सीजन के लिये गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये कर दिया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस संबंध में फैसला किया है। एफआरपी में बढ़ोतरी का मतलब है कि किसानों को अब गन्ने पर ज्यादा कमाई होगी। मोदी साल के पिछले 9 साल के कार्यकाल में गन्ने के FRP में 105 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। साल 2014-15 में गन्ने का FRP, 201 रुपये प्रति क्विंटल था।
अक्टूबर से शुरु होता है गन्ने का सीजन
एफआरपी वह न्यूनतम रेट होता है जिसके आधार पर चीनी मिलों को गन्ना किसानों को पेमेंट करना होगा है। इस फैसले पर जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाने का फैसला किया। सत्र 2023-24 के लिये गन्ने का एफआरपी 315 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।पिछले सत्र में गन्ने का न्यूनतम मूल्य 305 रुपये प्रति क्विंटल था। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा ‘अन्नदाता’ के साथ हैं। सरकार हमेशा कृषि और किसानों को प्राथमिकता देती रही है।उन्होंने कहा कि गन्ने का न्यूनतम मूल्य 2014-15 में 210 रुपये प्रति क्विंटल था। अब वह बढ़कर 2023-24 में 315 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
राज्य सरकारें भी देती हैं राहत
गन्ना पर केंद्र सरकार द्वारा तय किए जाने वाले FRP के अलावा राज्य सरकारें भी राज्य परामर्श मूल्य (SAP) भी घोषित करती हैं। जो कि आम तौर पर केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए FRP से ज्यादा होता है। इस समय हरियाण सरकार का गन्ना किसानों को 372 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर SAP दे रही है। इसी तरह पंजाब में 380 रुपये प्रति क्विंटल तो उत्तर प्रदेश में SAP 350 रुपये प्रति क्विंटल है।
