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AC और LED कंपनियों को PLI स्कीम से लाभ लेने का मौका, 14 अक्टूबर तक अब कर सकेंगे अप्लाई

भारत सरकार ने AC और LED लाइट्स जैसी व्हाइट गुड्स इंडस्ट्री के लिए PLI स्कीम का चौथा राउंड फिर से खोल दिया है। 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2025 तक निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम से न सिर्फ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि देश में रोजगार और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को भी नई ताकत मिलेगी।

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PLI Scheme

भारत सरकार ने व्हाइट गुड्स (जैसे AC और LED लाइट्स) के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का आवेदन विंडो दोबारा खोलने का फैसला किया है। यह विंडो 15 सितंबर 2025 से 14 अक्टूबर 2025 तक खुली रहेगी। सरकार का कहना है कि इससे निवेशकों को एक और मौका मिलेगा ताकि वे इस स्कीम का फायदा उठा सकें और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा सके।

क्यों दोबारा खोला गया आवेदन?

पिछले कुछ समय में भारत में AC और LED लाइट्स के कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ी है। इससे इंडस्ट्री का भरोसा मजबूत हुआ है और निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने इस स्कीम का चौथा राउंड शुरू किया है।

आवेदन की प्रक्रिया

इस स्कीम के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल [https://pliwg.dpiit.gov.in/](https://pliwg.dpiit.gov.in/) पर किया जा सकता है। ध्यान रहे कि आखिरी तारीख यानी 14 अक्टूबर 2025 के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

  • इस स्कीम में नए निवेशक और पहले से जुड़े लाभार्थी, दोनों ही आवेदन कर सकते हैं।
  • कंपनियां चाहें तो अपने निवेश को बढ़ाकर या नई कैटेगरी में स्विच करके भी आवेदन कर सकती हैं।
  • इसके लिए उन्हें स्कीम की तय शर्तों और निवेश शेड्यूल का पालन करना होगा।

क्या मिलेगा फायदा?

PLI स्कीम के तहत कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने पर इंसेंटिव मिलता है। हालांकि, यह फायदा केवल स्कीम की बची हुई अवधि के लिए मिलेगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई कंपनी इस चौथे राउंड में शामिल होती है, तो उसे केवल दो साल तक (यानी स्कीम की शेष अवधि) ही इंसेंटिव मिलेगा।

अब तक कितना निवेश आया?

अब तक कुल 83 कंपनियां इस स्कीम का हिस्सा बन चुकी हैं, जिनका कमिटेड निवेश लगभग 10,406 करोड़ रुपये का है। इन निवेशों से भारत में AC और LED लाइट्स के लिए जरूरी पार्ट्स का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, जिससे "मेक इन इंडिया" मिशन को मजबूती मिलेगी।

PLI स्कीम घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करेगी। साथ ही, इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और भारतीय इंडस्ट्री को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की ताकत मिलेगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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