Pension Fund : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े केंद्रीय स्वायत्त निकायों (Central Autonomous Bodies) के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इन कर्मचारियों को अब निवेश के 2 अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा दिए हैं। इससे एनपीएस खाताधारक अपनी जरुरत, जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट प्लान के अनुसार बेहतर निवेश विकल्प चुन सकेंगे। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को जानकारी देते हुए बताया कि व्यय विभाग ने केंद्रीय स्वायत्त निकायों के एनपीएस कर्मचारियों के लिए वित्तीय सेवा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना को लागू कर दिया है। इसके बाद इन कर्मचारियों को भी वही अतिरिक्त निवेश विकल्प मिल सकेंगे, जो पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराए गए थे।
कौन-कौन से नए विकल्प मिले?
सरकार ने एनपीएस के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए दो नए निवेश विकल्प शुरू किए हैं। इनमें आक्रामक जीवन चक्र कोष (LC-75) और संतुलित जीवन चक्र कोष (Balanced Life Cycle Fund) शामिल हैं। इन विकल्पों का उद्देश्य कर्मचारियों को अपनी पेंशन बचत को अधिक लचीले तरीके से प्रबंधित करने की सुविधा देना है। पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ये विकल्प उपलब्ध कराए गए थे। अब केंद्रीय स्वायत्त निकायों में काम करने वाले एनपीएस अंशधारक भी इनका लाभ उठा सकेंगे।
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LC-75 में 75 प्रतिशत तक इक्विटी निवेश
नए विकल्पों में से एक आक्रामक जीवन चक्र कोष (LC-75) है। इस योजना में इक्विटी यानी शेयर बाजार से जुड़े निवेश की सीमा 75 प्रतिशत तक रखी गई है। यह विकल्प उन कर्मचारियों के लिए बनाया गया है, जो लंबे समय में अधिक रिटर्न पाने के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम लेने को तैयार हैं। आमतौर पर लंबे समय तक निवेश करने वाले युवा कर्मचारियों के लिए यह विकल्प फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें अधिक हिस्सा इक्विटी में लगाया जाता है। हालांकि, इक्विटी निवेश में बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी पड़ सकता है।
संतुलित विकल्प से मिलेगा स्थिरता और विकास का फायदा
दूसरा विकल्प संतुलित जीवन चक्र कोष है। इसमें इक्विटी निवेश की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत तक रखी गई है। इस विकल्प में कर्मचारी की उम्र बढ़ने के साथ-साथ इक्विटी में निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे कम किया जाता है। इसका उद्देश्य निवेश में संतुलन बनाए रखना है। यानी कर्मचारियों को बेहतर रिटर्न पाने का अवसर भी मिले और रिटायरमेंट के करीब आने पर जोखिम भी कम हो जाए। यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो निवेश में स्थिरता और वृद्धि दोनों चाहते हैं।
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कर्मचारियों को मिलेगा अपनी पसंद से निवेश का अधिकार
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन नए विकल्पों को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य एनपीएस अंशधारकों को ज्यादा स्वतंत्रता देना है। अब कर्मचारी अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम क्षमता और भविष्य की योजनाओं के अनुसार अपने पेंशन निवेश का चुनाव कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि ज्यादा निवेश विकल्प मिलने से एनपीएस योजना कर्मचारियों के लिए और आकर्षक बनेगी। इससे लोग अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को बेहतर तरीके से तैयार कर पाएंगे।
स्वायत्त निकायों को दी जाएगी जानकारी
वित्त मंत्रालय ने सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने नियंत्रण वाले केंद्रीय स्वायत्त निकायों को इन नए निवेश विकल्पों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे अधिक से अधिक एनपीएस कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
रिटायरमेंट प्लानिंग को मिलेगा बढ़ावा
एनपीएस में नए विकल्पों की शुरुआत को कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उन्हें अपनी भविष्य की पेंशन बचत को अपनी जरुरत के अनुसार निवेश करने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि एनपीएस को अधिक सुविधाजनक और लचीला बनाया जाए, ताकि कर्मचारी बेहतर तरीके से अपनी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
