8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के भत्तों में बदलाव करने के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन को मंजूरी दे दी है। इस पर होने वाली चर्चा में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम है, जो वेतन और पेंशन में वृद्धि तय करता है। केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि उनके वेतन और पेंशन में कितनी वृद्धि होगी। सीपीसी के टर्म्स ऑफ रेफ्रेंस (टीओआर) भी फोकस में है, जिसे अप्रैल 2025 तक फाइनल किए जाने की उम्मीद है। नेशनल काउंसिल - जॉइंट कंस्लटेटिव मैकेनिज्म (एनसी-जेसीएम) ने पहले ही आयोग के लिए प्रस्तावित टीओआर प्रस्तुत कर दिया है।
ये भी पढ़ें -
कितने फिटमेंट फैक्टर की है मांग
एनसी-जेसीएम सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने हाल ही में कहा कि कर्मचारियों को महंगाई के मद्देनजर उचित वेतन मिलना चाहिए, जिसमें फिटमेंट फैक्टर कम से कम 2.57 या इससे अधिक होना चाहिए। मौजूदा समय में महंगाई में तेज वृद्धि के मद्देनजर मिश्रा का मानना है कि सरकार को फिटमेंट फैक्टर 2.57 से कम नहीं रखना चाहिए।
मिश्रा ने कहा कि एनसी-जेसीएम ने 2.86 फिटिंग फैक्टर की मांग की है। अगर ये मांग स्वीकार की जाती है तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है। वहीं पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 36,000 रुपये हो सकती है।
मिलेंगे कम से कम 5 प्रमोशन
जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार मोडिफाइड एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (MACP) स्कीम में सुधार का भी प्रस्ताव किया गया है। अगर सरकार इस प्रस्ताव पर सहमत हो जाती है, तो एक कर्मचारी को अपनी सेवा अवधि के दौरान कम से कम पाँच प्रमोशन मिल सकते हैं।
बेसिक सैलरी में महंगाई भत्ता (डीए) शामिल करने की मांग
रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्रीय कर्मचारी बेसिक सैलरी में महंगाई भत्ता (डीए) शामिल करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही नए वेतन आयोग के लागू होने तक अंतरिम राहत की भी मांग कर रहे हैं। मिश्रा का सुझाव है कि 8वें वेतन आयोग को तीन के बजाय "पांच यूनिट" की खपत की जरूरत के आधार पर न्यूनतम वेतन निर्धारित करना चाहिए।
उनका मानना है कि कमाने वाले कर्मचारियों को आश्रित माता-पिता की भी देखभाल करनी चाहिए, क्योंकि यह माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2022 के तहत एक नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
