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Gold Demand:सोने की ऊंची कीमतों ने भारतीयों का बिगाड़ा बजट, अप्रैल-जून के बीच 5 फीसदी गिर गई बिक्री

Gold Demand: भारत में कुल आभूषणों की मांग 17 प्रतिशत घटकर 106.5 टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 128.6 टन थी। दूसरी तिमाही में कुल निवेश मांग 46 प्रतिशत बढ़कर 43.1 टन हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 29.5 टन थी।

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भारत में गिरी सोने की बिक्री

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Gold Demand:भारत में अप्रैल-जून तिमाही में सोने की मांग रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के कारण पांच प्रतिशत घटकर 149.7 टन रह गई। अप्रैल-जून तिमाही में कीमतें आसमान छू गईं और 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 74,000 रुपये पहुंच गईं। जिसका असर खरीदारी के ट्रेंड में दिखा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने बताया कि रुपये के लिहाज से अप्रैल-जून के दौरान औसत कीमत 62,700.5 रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 52,191.6 रुपये (आयात शुल्क और जीएसटी को छोड़कर) थी । जिसका असर बिक्री पर दिखा है। भारत में अप्रैल-जून तिमाही में सोने का कुल आयात आठ प्रतिशत बढ़कर 196.9 टन रहा जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 182.3 टन था।

कैसे हुआ असर

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ‘दूसरी तीमाही 2024 सोना मांग रुझान’ रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में इसी तिमाही में सोने की मांग 158.1 टन थी जो 2024 में 149.7 टन रह गई।हालांकि, मूल्य के संदर्भ में सोने की मांग दूसरी तिमाही में 17 प्रतिशत बढ़कर 93,850 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 82,530 करोड़ रुपये थी।अप्रैल-जून तिमाही में कीमतें आसमान छू गईं और 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 74,000 रुपये को पार कर गई।अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में अप्रैल-जून अवधि में सोने की औसत कीमत 2,338.2 अमेरिकी डॉलर रही, जबकि 2023 की इसी अवधि में यह 1,975.9 अमेरिकी डॉलर थी।डब्ल्यूजीसी ने कहा कि रुपये के संदर्भ में तिमाही में औसत कीमत 62,700.5 रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 52,191.6 रुपये (आयात शुल्क और जीएसटी को छोड़कर) थी ।

ज्वैलरी की बिक्री पर कैसे हुआ असर

डब्ल्यूजीसी के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सचिन जैन ने कहा, भारत की सोने की मांग 2024 की दूसरी तिमाही में घटकर 149.7 टन पर पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में पांच प्रतिशत कम है। इसका कारण सोने की रिकॉर्ड ऊंची कीमतें हो सकती हैं, जिससे सामर्थ्य प्रभावित हो रहा है और उपभोक्ता खरीद में मंदी आ रही है। हालांकि, मांग का समग्र मूल्य मजबूत रहा जो 14 प्रतिशत बढ़ा है।

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया कि समीक्षाधीन तिमाही में भारत में कुल आभूषणों की मांग 17 प्रतिशत घटकर 106.5 टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 128.6 टन थी। दूसरी तिमाही में कुल निवेश मांग 46 प्रतिशत बढ़कर 43.1 टन हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 29.5 टन थी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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