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सोने की कीमतों में लगातार गिरावट, 3 महीने में करीब 20% लुढ़का, आगे कैसी रहेगी चाल?

Gold Price: सोने की कीमतें डॉलर मजबूत होने, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों से लगातार गिर रही हैं। एक्सपर्ट्स निकट अवधि में उतार-चढ़ाव और लॉन्गटर्म में सुधार की संभावना मानते हैं।

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क्यों लुढ़कता जा रहा है सोना

Photo : iStock

Gold Price : सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट (gold prices falling) देखने को मिल रही है। बुधवार को भी गोल्ड प्राइस में तीसरी लगातार गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, डॉलर का मजबूत होना और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदें बताई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दबाव में है और निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश से हटता नजर आ रहा है।

जून में भारी नुकसान, कई सालों का सबसे खराब प्रदर्शन

सोने ने जून महीने में करीब 12% की गिरावट दर्ज की है और यह लगातार चौथे महीने गिरावट की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले अक्टूबर 2008 में सोने में 18.5% की सबसे बड़ी मासिक गिरावट देखी गई थी। मौजूदा स्थिति में सोना तिमाही आधार पर भी गिरावट की ओर है और यह 2013 के बाद सबसे बड़ी तिमाही गिरावट मानी जा रही है। पिछले तीन महीनों में सोना करीब 20% टूट चुका है। वहीं, पिछले छह महीनों में इसमें 8% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, एक साल के आधार पर देखें तो सोना अभी भी करीब 20% ऊपर बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाल

स्पॉट गोल्ड बुधवार को 0.8% गिरकर 3,974.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले यह नवंबर के बाद के सबसे निचले स्तर 3,942.99 डॉलर तक फिसल गया था। वहीं अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.3% गिरकर 3,987.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। अमेरिकी ट्रेजरी मार्केट में भी दबाव देखा गया, जिससे 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.465% तक पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने पर दबाव बनता है क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, जबकि बॉन्ड में रिटर्न मिलता है।

बुलियंस के मुताबिक सोने का आज का भाव (02 जुलाई 2026)

सोने के प्रकार1 ग्राम (₹)10 ग्राम (₹)100 ग्राम (₹)1 किलोग्राम (₹)1 औंस (₹)1 तोला (₹)
सोना 24 कैरेट₹14,467₹1,44,670₹14,46,700₹1,44,67,000₹4,10,133₹1,68,740
सोना 22 कैरेट₹13,261₹1,32,614₹13,26,142₹1,32,61,417₹3,75,955₹1,54,679
सोना 20 कैरेट₹12,056₹1,20,558₹12,05,583₹1,20,55,833₹3,41,777₹1,40,617
सोना 18 कैरेट₹10,850₹1,08,503₹10,85,025₹1,08,50,250₹3,07,599₹1,26,555
सोना 16 कैरेट₹9,645₹96,447₹9,64,467₹96,44,667₹2,73,422₹1,12,494
सोना 14 कैरेट₹8,439₹84,391₹8,43,908₹84,39,083₹2,39,244₹98,432
सोना 12 कैरेट₹7,234₹72,335₹7,23,350₹72,33,500₹2,05,066₹84,370
सोना 10 कैरेट₹6,028₹60,279₹6,02,792₹60,27,917₹1,70,889₹70,308

डॉलर की मजबूती और फेड की नीतियां बनी बड़ी वजह

डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी सोने की गिरावट का एक बड़ा कारण है। डॉलर जब मजबूत होता है तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है। ट्रेडर्स के बीच यह उम्मीद बढ़ रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। फेडरल रिजर्व से जुड़ी नीतियों को लेकर बाजार काफी सतर्क है। CME Group के FedWatch Tool के अनुसार बाजार में करीब 67% संभावना सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की मानी जा रही है। इसी वजह से सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश पर दबाव बढ़ रहा है।

भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई का असर

मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। हालांकि आमतौर पर ऐसे तनाव से सोने में तेजी आती है, लेकिन इस बार ब्याज दरों की उम्मीद और मजबूत डॉलर का असर ज्यादा दिख रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई की चिंता भी बनी हुई है, जिससे फेड पर सख्त नीति बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है। इसी कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।

जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव

Tata Mutual Fund का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में कॉनसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। हालांकि ब्याज दरों में बढ़ोतरी, मजबूत डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड से दबाव बना रह सकता है। कंपनी के अनुसार भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण सोने में करीब ±5% तक की अस्थिरता बनी रह सकती है। लेकिन रुपये में कमजोरी भारतीय निवेशकों को कुछ हद तक राहत दे सकती है।

तकनीकी स्तर और आगे का अनुमान

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक ऑग्मनन्ट की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी के अनुसार सोने ने 4,000 डॉलर का अहम स्तर तोड़ दिया है, जो एक कमजोर संकेत है। उनका कहना है कि अगर यह दबाव जारी रहा तो सोना 3,600 डॉलर तक भी जा सकता है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में बाजार ज्यादा बिकवाली की स्थिति में है, जिससे थोड़ी राहत रैली भी देखने को मिल सकती है और कीमतें 4,100 से 4,165 डॉलर तक वापस जा सकती हैं।

लंबी अवधि में अभी भी उम्मीद कायम

एक्स्पर्ट्स का मानना है कि अल्पकाल में सोने में उतार-चढ़ाव और दबाव बना रह सकता है। लेकिन लंबी अवधि में सोने के बुनियादी कारण अभी भी मजबूत हैं, जैसे वैश्विक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति का जोखिम और सुरक्षित निवेश की मांग। इसलिए निवेशकों के लिए फिलहाल सावधानी जरूरी है, लेकिन गिरावट को लंबी अवधि के निवेश अवसर के रूप में भी देखा जा सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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