Gold Price Target 2025: सोना भारतीयों के लिए काफी महत्व रखता है। अन्य धातुओं के मुकाबले अधिकतर लोग सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं। इस समय सोने का भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। सोने की कीमतों में वित्त वर्ष 2024-25 में 40 फीसदी की मजबूती आई, जो पिछले करीब 50 सालों में सबसे अधिक है। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन पोर्टल के अनुसार सोने की कीमत 1 जनवरी को 76583 रु से बढ़कर 1 अप्रैल तक 91115 रु पहुंच गयी। अभी तो ये साल की पहली तिमाही का हाल है। आगे सोने के रेट किस तरफ जाएंगे? इनमें तेजी बरकरार रहेगी या गिरावट आने की संभावना है? आगे जानिए एक्सपर्ट्स की राय।
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ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गिरते हैं सोने के दाम
जानकारों का मानना है कि अकसर सोने के दाम ऊंचाई पर पहुंचने के बाद गिरते भी हैं। आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं। जैसे कि वित्त वर्ष 1979-80 के दौरान महंगाई के चलते सोने की कीमत 125% बढ़ी थी। फिर 1980 में जनवरी-जून के दौरान सोने की कीमत 55 फीसदी गिरी थी।

क्या सोने के दाम हमेशा बढ़ते रहेंगे?
कोरोना काल में तेजी के बाद गिरे थे दाम
2008-2011 के मंदी वाले पीरियड में सोना 160 फीसदी महंगा हुआ, पर सितंबर 2011 से दिसंबर 2013 तक इसकी कीमत 35 फीसदी घटी। इसी तरह कोरोना काल में मार्च-अगस्त 2020 में सोने की कीमत 37 फीसदी बढ़ी और फिर उसके बाद सितंबर तक 2022 तक 15 फीसदी घटी। यानी अब भी सोने की कीमतें घट सकती हैं।
और बढ़ सकते हैं दाम
एक तरह जहां आंकड़ों के आधार पर कुछ एक्सपर्ट कहते हैं कि सोने के दामों में गिरावट आ सकती है। वहीं दूसरी ओर कुछ जानकारों के मानना है कि सोने के दाम और बढ़ सकते हैं। उनकी दलील है कि बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतें और भी अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
कोई ऊपरी लिमिट नहीं
कहा जा रहा है कि हाल के कुछ हफ्तों में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बावजूद सोने की कीमत के लिए कोई ऊपरी लिमिट नहीं है। दरअसल टैरिफ को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है और जब कभी ऐसा होता है तो निवेशक सोने में निवेश करते हैं, क्योंकि ये सुरक्षित ऑप्शन माना जाता है।
निवेशकों को क्या दी है सलाह
इस समय एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि जब तक यूएस टैरिफ पर स्थिति क्लियर न हो जाए तब तक सोने में निवेश करने में सावधानी बरतें। यानी इस समय थोड़ा इंतजार करना सही हो सकता है, क्योंकि कीमतें भी रिकॉर्ड हाई पर हैं।
लॉन्ग टर्म अप्रोच रखें
जानकारों के अनुसार सोने में निवेश के लिए लॉन्ग टर्म अप्रोच अपनाएं। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 5-20% हिस्सा सोने और सोने से जुड़ी एसेट्स में रखने की सलाह दी गयी है।
