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सोने के आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के चौथे चरण की शुरुआत, इन राज्यों के 18 और जिले शामिल

Gold jewellery mandatory hallmarking: सोने के आभूषणों और सोने की कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के चौथे चरण की शुरुआत हो चुकी है। जिसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 18 जिलों को शामिल किया गया।

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सोने की ज्वैलरी का अनिवार्य हॉलमार्किंग का दायरा बढ़ा (तस्वीर-Canva)

Gold jewellery mandatory hallmarking: सरकार ने गु्रुवार (14 नवंबर) को सोने के आभूषणों और सोने की कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के चौथे चरण की शुरुआत की घोषणा की, जिसमें अतिरिक्त 18 जिले शामिल हैं। अनिवार्य हॉलमार्किंग का काम 23 जून, 2021 को शुरू हुआ था। उसके बाद से अबतक 40 करोड़ से अधिक सोने के आभूषणों की विशिष्ट पहचान (आईडी) के साथ हॉलमार्किंग की गई है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए अधिक विश्वास और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि चौथा चरण 5 नवंबर से प्रभावी है, जिसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 18 जिले शामिल हैं। चौथे चरण के कार्यान्वयन के साथ, अनिवार्य हॉलमार्किंग के अंतर्गत आने वाले जिलों की कुल संख्या अब 361 हो गई है।

सरकार की पहल से पंजीकृत ज्वेलर्स की संख्या 34,647 से बढ़कर 1,94,039 हो गई है और परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की संख्या 945 से बढ़कर 1,622 हो गई है।

उपभोक्ता ‘बीआईएस केयर मोबाइल ऐप’ का उपयोग करके हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकते हैं और उत्पाद की गुणवत्ता या बीआईएस के निशान के दुरुपयोग के बारे में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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