Gold And Silver Shopping On Dhanteras:धनतेरस पर लोगों ने जमकर शॉपिंग की है। इस बार सोने तथा चांदी की खरीदारी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार सोने की कीमतों में नरमी ने भी खरीदारी को बूस्ट दिया है। और अकेले सोने की खरीदारी 30-40 टन तक पहुंचने होने का अनुमान है। जबिक पिछले साल धनतेरस पर 22 टन सोने की बिक्री हुई थी। सबसे ज्यादा बिक्री दक्षिण भारत से होने का अनुमान है। इसके बाद पश्चिमी और पूर्वी भारत में बिक्री हुई है। जबकि करीब 400 टन चांदी के आभूषण और सिक्कों की बिक्री हुई है। कुल मिलाकर करीब 30 हजार करोड़ रुपये का अकेले सोना और चांदी का कारोबार हुआ है।
सोने की कीमतों ने दिया बूस्ट
सोने का भाव 28 अक्टूबर को 63,000 रुपये के उच्चतम स्तर से 800-1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) तक गिर गया। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतें 61,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहीं। दिल्ली में 2022 में धनतेरस के दिन सोने की कीमतें करों को छोड़कर 50,139 रुपये प्रति 10 ग्राम थीं। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के निदेशक दिनेश जैन ने पीटीआई-भाषा से बताया कि सोने की कीमतें कारोबार के लिए अनुकूल हैं। हमें उम्मीद है कि धनतेरस के दिन देशभर में कुल बिक्री 30 टन से अधिक होगी। यह एक साल पहले की अवधि में लगभग 22 टन अनुमानित बिक्री से कहीं अधिक होगी।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ्स फेडरेशन नेशनल के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि धनतेरस पर देश में करीब 41 टन सोना और करीब 400 टन चांदी के आभूषण और सिक्के बिके है। देश भर में सोना, चांदी और अन्य वस्तुओं का कुल कारोबार 30,000 करोड़ रुपये रहा। एक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज) देवेया गगलानी ने कहा कि पिछले साल धनतेरस के बाद से सोने ने निफ्टी 50 के रिटर्न को आसानी से पछाड़ते हुए करीब 20 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।
60 फीसदी दक्षिण भारत से बिक्री
धनतेरस पर सोने की लगभग 60 प्रतिशत बिक्री दक्षिण और पश्चिम भारत से, जबकि शेष पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों से होने का अनुमान है। इस धनतेरस पर सोने की बिक्री पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हो रही है क्योंकि अधिकतर सर्राफ संगठित खुदरा विक्रेता बन गए हैं। पिछले एक साल में संगठित आभूषण खुदरा बिक्री 10 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक बढ़ी है। इससे बिक्री पर प्रामाणिक आंकड़ा प्राप्त करने में मदद मिलती है।जीजेसी के अधिकारी ने कहा कि सोने और चांदी की खरीद के लिए शुभ समय को देखते हुए, दोपहर के बाद से ही ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। महानगरों में उपभोक्ता कार्यालय समय के बाद खरीदारी के लिए निकले।
