Silver vs Gold price Today In India (सोना का भाव आज का) 28 July 2024: बीते मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। बजट में सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया। सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। इस ऐलान के बाद से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। बजट से एक दिन पहले सोमवार को इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के रेट 73218 रु पर बंद हुए थे, जो शुक्रवार को 68131 रु पर बंद हुए। यानी बजट वाले दिन से शुक्रवार तक सोने के रेट 5087 रु कम हो चुके हैं। वहीं इन्हीं दिनों में चांदी के रेट 88196 रु प्रति किलो से 81271 रु पर आ गए। यानी 6925 रु की गिरावट। शॉर्ट टर्म में सोने के दामों कैसा रुख देखने को मिल सकता है, आगे जानिए।
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टैक्स होगा कम
विदेशों में सोने की कीमतों में गिरावट ने भी बुलियन मार्केट के मोमेंटम को और कमजोर किया है। सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी में 6 प्रतिशत की कटौती की है। बेसिक कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस को 5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस फैसले से देश में सोने और चांदी पर कुल प्रभावी टैक्स रेट 9 प्रतिशत रह जाएगा, जो पहले जीएसटी सहित 18.5 प्रतिशत था।
कस्टम ड्यूटी घटाने की लंबे समय से थी मांग
कस्टम ड्यूटी में कटौती की मांग लंबे समय से थी। भारत सरकार दशकों से सोने के आयात पर अंकुश लगाने के लिए कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी कर रही है। सोने का अधिक आयात चालू खाता घाटे को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण था।
मगर अब कस्टम ड्यूटी में कटौती से इनपुट लागत कम होगी, सोने की तस्करी में कमी आएगी, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
किन फैक्टरों पर रहेगी नजर
- ड्यूटी घटाने से गोल्ड की तस्करी घटेगी
- मध्य-पूर्व में चल रही लड़ाई के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध
- वैश्विक इकोनॉमी की हालत
- अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
सोने के लिए पॉजिटिव है आउटलुक
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य यानी शॉर्ट में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने, अमेरिकी पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता, केंद्रीय बैंक की तरफ से सोने की अधिक खरीदारी और वैश्विक आर्थिक स्थिति के लिए कमजोर आउटलुक जैसे कारणों से सोने को लेकर सकारात्मक रुख रहेगा। यानी सोने के दाम मौजूदा स्तर से उठ सकते हैं।
कस्टम ड्यूटी में कमी से भारत में सोने की खपत में वृद्धि हो सकती है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। जानकारों का मानना है कि मांग को लेकर सकारात्मक माहौल को देखते हुए, लॉन्ग टर्म निवेशक सोने में अपनी होल्डिंग बढ़ाने के लिए मौजूदा गिरावट का उपयोग खरीद के अवसर के रूप में कर सकते हैं।
