Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उनकी सास गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से कहा गया कि जांच के दौरान दहेज प्रताड़ना के आरोपों को साबित करने वाले कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। मामले में गिरीबाला सिंह को मामूली राहत मिली है।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि CBI की चार्जशीट में दहेज प्रताड़ना का आरोप साबित नहीं हुआ है। जांच के दौरान भी CBI को दहेज प्रताड़ना से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने गिरीबाला सिंह के वकीलों को उनके आवेदन से दहेज प्रताड़ना से जुड़ी बात हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि आवेदन में दहेज प्रताड़ना से संबंधित तथ्य को हटाया जाए। गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका पर अब मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। गिरीबाला सिंह के वकील सुरेंद्र सिंह ने सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े पक्ष कोर्ट के सामने रखे।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कानून के उस प्रावधान का हवाला दिया, जिसके तहत शादी के सात साल के भीतर किसी महिला की अप्राकृतिक परिस्थितियों में मौत होने पर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ संदेह की स्थिति बन सकती है।
9 दिसंबर 2025 को हुई थी ट्विशा की शादी
ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। करीब पांच महीने बाद 12-13 मई 2026 की रात भोपाल में उनकी मौत हो गई थी।
24 मई को एम्स में हुआ दोबारा पोस्टमॉर्टम
ट्विशा की मौत के बाद पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठे थे। इसके बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश के आधार पर दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड ने मौत से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच की। उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट के आधार पर मामला आत्महत्या का है और शव पर मारपीट के कोई निशान नहीं मिले।
ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अब गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका पर 8 अक्टूबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर नजर रहेगी।
