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Go First Insolvency: गो फर्स्ट को खरीदने की होड़, स्पाइसजेट से शारजाह की स्काई वन तक की नजर

Go First May Get Buyers: गो फर्स्ट को खरीदने में तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें शारजाह की एविएशन कंपनी स्काई वन, अफ्रीका की सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स और भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट शामिल हैं।

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गो फर्स्ट को मिल सकता है खरीदार

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • गो फर्स्ट को खरीदने में 3 कंपनियों ने रुचि दिखाई
  • लिस्ट में स्पाइसजेट भी शामिल
  • दो विदेशी कंपनियों लगा सकती हैं दांव

Go First May Get Buyers: गो फर्स्ट (Go First) दिवालिया हो गई है और अब देश-विदेश की तीन कंपनियों ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है। इनमें शारजाह की एविएशन कंपनी स्काई वन (Sky One), अफ्रीका की सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स (Safrik Investments) और भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) शामिल हैं। एविएशन सेक्टर में विशेषज्ञता वाली एयरलाइन स्पाइसजेट को गो फर्स्ट का एक सीरियस दावेदार माना जा सकता है। मगर समस्या ये है कि एयरलाइन अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है और फंड जुटाने की तैयारी में है। एयरलाइन का प्लान इक्विटी के जरिए 2250 करोड़ रु जुटाने का है।

लिक्विडेशन की थी तैयारी

तीनों कंपनियों ने दिवालिया एयरलाइन गो फर्स्ट को खरीदने में रुचि दिखाई है। बता दें कि गो फर्स्ट के कर्जदाता इसके लिक्विडेशन (संपत्ति की बिक्री) की तैयारी कर रहे थे, क्योंकि एयरलाइन को खरीदने के लिए प्रस्ताव पेश करने की डेडलाइन तक किसी कंपनी ने इसे खरीदने में रुचि नहीं दिखाई।

मगर अब उस डेडलाइन के बीत जाने के कई हफ्ते बाद स्काई वन, सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स और स्पाइसजेट ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है।

डेडलाइन को बढ़ाने की मांग

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार गो फर्स्ट की कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रॉसेस (सीआईआरपी) को मैनेज करने वाले रेजोल्यूशन प्रॉसेस (आरपी) शैलेन्द्र अजमेरा को पिछले 10 दिनों के दौरान इन कंपनियों से बंद पड़ी एयरलाइन की उचित जांच करने के लिए रिक्वेस्ट मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी ने डेडलाइन बढ़ाने की भी मांग की है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि लेनदारों की समिति अब यह तय करने के लिए बैठक करेगी कि क्या डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है।

22 नवंबर थी डेडलाइन

गो फर्स्ट के लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 22 नवंबर थी। मगर कोई बोली नहीं मिलने के बाद कर्जदाताओं ने एयरलाइन के लिक्विडेशन पर विचार करना शुरू कर दिया था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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