Go First May Get Buyers: गो फर्स्ट (Go First) दिवालिया हो गई है और अब देश-विदेश की तीन कंपनियों ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है। इनमें शारजाह की एविएशन कंपनी स्काई वन (Sky One), अफ्रीका की सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स (Safrik Investments) और भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) शामिल हैं। एविएशन सेक्टर में विशेषज्ञता वाली एयरलाइन स्पाइसजेट को गो फर्स्ट का एक सीरियस दावेदार माना जा सकता है। मगर समस्या ये है कि एयरलाइन अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है और फंड जुटाने की तैयारी में है। एयरलाइन का प्लान इक्विटी के जरिए 2250 करोड़ रु जुटाने का है।
लिक्विडेशन की थी तैयारी
तीनों कंपनियों ने दिवालिया एयरलाइन गो फर्स्ट को खरीदने में रुचि दिखाई है। बता दें कि गो फर्स्ट के कर्जदाता इसके लिक्विडेशन (संपत्ति की बिक्री) की तैयारी कर रहे थे, क्योंकि एयरलाइन को खरीदने के लिए प्रस्ताव पेश करने की डेडलाइन तक किसी कंपनी ने इसे खरीदने में रुचि नहीं दिखाई।
मगर अब उस डेडलाइन के बीत जाने के कई हफ्ते बाद स्काई वन, सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स और स्पाइसजेट ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है।
डेडलाइन को बढ़ाने की मांग
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार गो फर्स्ट की कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रॉसेस (सीआईआरपी) को मैनेज करने वाले रेजोल्यूशन प्रॉसेस (आरपी) शैलेन्द्र अजमेरा को पिछले 10 दिनों के दौरान इन कंपनियों से बंद पड़ी एयरलाइन की उचित जांच करने के लिए रिक्वेस्ट मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी ने डेडलाइन बढ़ाने की भी मांग की है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि लेनदारों की समिति अब यह तय करने के लिए बैठक करेगी कि क्या डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है।
22 नवंबर थी डेडलाइन
गो फर्स्ट के लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 22 नवंबर थी। मगर कोई बोली नहीं मिलने के बाद कर्जदाताओं ने एयरलाइन के लिक्विडेशन पर विचार करना शुरू कर दिया था।
