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Global Markets में हाहाकार, Crude Oil 110 डॉलर पार; Gift Nifty 150 अंक लुढ़का, Nifty-Sensex में तबाही के संकेत

Global Markets में क्रूड ऑयल के दाम में आई तेजी का झटका साफ दिख रहा है। न्यूयॉर्क से टोक्यो से शेयर बाजारों में गिरावट है। Gift Nifty में भी 150 अंक से ज्यादा की गिरावट है।

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वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी

Global Markets Today 18 May 2026 : वैश्विक बाजारों में आज सोमवार 18 मई को निवेशकों में Crude Oil के दामों को लेकर चिंता दिख रही है। US-Iran के बीच शांति समझौते पर बात नहीं बनने और ताजा झड़पों के बाद Brent Crude की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। वहीं, US Bonds Yield में तेजी की वजह से Global Currency और Commodity Markets में भी निवेशकों के सेंटिमेंट्स का झटका लगा है। इसकी वजह से Gold और Silver के दाम में कमी आई है।

US Future Market से लेकर जापान, चीन, दक्षिण कोरिया जैसे बड़े एशियाई बाजारों में डर का माहौल है। वहीं, भारतीय बाजार का फ्यूचर इंडेक्स Gift Nifty भी 150 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जो भारतीय बाजार में Nifty Sensex में गिरावट के संकेत दे रहा है।

111 डॉलर पार पहुंचा Brent Crude

ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल भी 108 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। तेल की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब दुनिया पहले से महंगाई और ब्याज दरों के दबाव से जूझ रही है। कच्चा तेल महंगा होने से भारत जैसे बड़े आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है। तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

Gift Nifty ने दिया बड़ा झटका

Gift Nifty करीब 172 अंक टूटकर 23,535 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह साफ संकेत है कि भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद अब बाजार में तेज प्रॉफिट बुकिंग का खतरा भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल में तेजी जारी रही तो ऑटो, एविएशन, पेंट और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिख सकता है।

अमेरिकी बाजारों में भी भारी बिकवाली

अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Dow Jones Futures 430 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nasdaq और S&P 500 में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। टेक शेयरों में कमजोरी और डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यूरोपीय बाजारों में भी दबाव साफ दिखा। जर्मनी का DAX 2% से ज्यादा टूटा, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन के बाजारों में भी गिरावट रही।

एशियाई बाजारों में लाल निशान

सोमवार सुबह एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला। जापान का Nikkei 600 अंकों से ज्यादा टूटा, जबकि Hong Kong का Hang Seng 1.6% से ज्यादा फिसल गया। इंडोनेशिया का Jakarta Composite लगभग 4% टूट गया, जिसने निवेशकों की बेचैनी और बढ़ा दी। हालांकि दक्षिण कोरिया का Kospi हल्की मजबूती में दिखा, लेकिन कुल मिलाकर एशियाई बाजारों का मूड बेहद कमजोर बना हुआ है।

भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं, महंगाई बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव आ सकता है। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो RBI पर भी ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि आज बाजार में निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा तेल और डॉलर की चाल पर रहेगी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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