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Global Market Today: क्रूड और डॉलर में मजबूती के बीच एशियाई बाजारों का मिलाजुला रुख, गिफ्ट निफ्टी सपाट

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग की अनिश्चितता और क्रूड में तेजी के बीच एशियाई बाजारों का रुख मिलाजुला है। वहीं, गिफ्ट निफ्टी फिलहाल सपाट कारोबार कर रहा है। इससे भारतीय बाजार में भी सपाट से पॉजिटिव ओपिनिंग के संकेत मिल रहे हैं।

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वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल

Global Markets Today: ग्लोबल बाजारों में हफ्ते की शुरुआत मिश्रित संकेतों के साथ हुई है। अमेरिका और चीन के बाजार दबाव में हैं, जबकि यूरोप मजबूती दिखा रहा है। इस बीच क्रूड ऑयल की तेज उछाल ने महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे निवेशकों की रणनीति बदल रही है। वहीं, भारतीय बाजार का फ्यूचर इंडेक्स गिफ्ट निफ्टी 20 अंक की तेजी के साथ पॉजिटिव साइड में सपाट स्तर पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिका में कमजोरी का दबाव कायम

अमेरिकी बाजारों में हल्की रिकवरी जरूर दिख रही है, लेकिन व्यापक ट्रेंड अभी भी दबाव में है। डॉव जोंस फ्यूचर्स मामूली बढ़त में है, जबकि S&P 500 और Nasdaq लगातार गिरावट के साथ bearish ज़ोन में बने हुए हैं। साल की शुरुआत से अब तक दोनों प्रमुख इंडेक्स नकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। टेक शेयरों में बिकवाली और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बाजार पर भारी पड़ रही है।

यूरोप बना निवेशकों का नया ठिकाना

यूरोपीय बाजार इस समय ग्लोबल अस्थिरता के बीच सबसे मजबूत कड़ी के रूप में उभरे हैं। FTSE इंडेक्स में लगातार मजबूती बनी हुई है और यह bullish ट्रेंड में ट्रेड कर रहा है। हालांकि CAC और DAX में हल्की कमजोरी देखने को मिली है, लेकिन उनका स्ट्रक्चर अभी भी स्थिर है। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल यूरोप को अपेक्षाकृत सुरक्षित बाजार मान रहे हैं।

एशिया में बंटा हुआ ट्रेंड, चीन पर दबाव

एशियाई बाजारों में साफ तौर पर बिखराव नजर आ रहा है। जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का KOSPI मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे हैं, जबकि चीन के Hang Seng और Shanghai Composite में गिरावट जारी है। इंडोनेशिया का बाजार सबसे ज्यादा दबाव में है और सालभर में भारी गिरावट दर्ज कर चुका है। यह दिखाता है कि उभरते बाजारों में जोखिम अभी भी बना हुआ है।

इंडेक्स नामLTPबदलावबदलाव %YTD (%)
गिफ्ट निफ्टी22,676.50-28.50-0.13%-13.75
निक्केई 22553,818.00+694.51+1.31%+6.91
स्ट्रेट्स टाइम्स4,969.45+21.95+0.44%+6.96
हैंग सेंग25,116.53-177.50-0.71%-4.64
ताइवान वेटेड32,572.430.000.00%+10.98
कोस्पी5,468.06+90.76+1.69%+26.88
SET कंपोजिट1,454.000.000.00%+13.59
जकार्ता कंपोजिट6,971.52-55.26-0.79%-19.38
शंघाई कंपोजिट3,880.10-39.19-1.01%-3.5

क्रूड ऑयल बना सबसे बड़ा जोखिम फैक्टर

कमोडिटी बाजार में सबसे बड़ा मूव क्रूड ऑयल में देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर के पार पहुंच चुका है और सालभर में करीब 80% की तेजी दिखा चुका है। यह तेजी सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ा सकती है और केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरें ऊंची रखने की मजबूरी पैदा कर सकती है। सोने में हल्की गिरावट आई है, लेकिन यह अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।

कमोडिटी नामLTP ($)बदलावबदलाव %52W हाई52W लोYTD (%)
ब्रेंट क्रूड109.67+0.64+0.59%114.8158.72+80.26
क्रूड ऑयल111.46-0.08-0.07%119.4855.20+94.15
गोल्ड4,650.70-26.58-0.57%5,595.512,956.66+7.66

डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव

डॉलर इंडेक्स में हल्की बढ़त के साथ स्थिर मजबूती बनी हुई है। मजबूत डॉलर का असर उभरते बाजारों पर नकारात्मक पड़ता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेश का प्रवाह प्रभावित होता है। यह स्थिति भारतीय समेत अन्य एशियाई बाजारों के लिए चुनौती बन सकती है।

करेंसी इंडेक्सLTPबदलावबदलाव %हाईलो
डॉलर इंडेक्स100.15+0.13+0.13%100.29100.10

क्या है आगे का संकेत

ग्लोबल बाजार फिलहाल तीन अलग-अलग दिशाओं में बंटा हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका और चीन में कमजोरी, यूरोप में मजबूती और कमोडिटी में तेजी एक जटिल तस्वीर बना रहे हैं। आने वाले समय में क्रूड ऑयल की चाल और ब्याज दरों का फैसला ही बाजार की दिशा तय करेगा।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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