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Indian Economy: भारत बन सकता है ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब, 2060 तक अच्छे ग्रोथ के चांस-रिपोर्ट

Indian Economy: ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म लाजार्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास एक मजबूत डेमोग्राफिक डिविडेंड है। युवाओं की संख्या अधिक होने का फायदा 2060 तक भारत को ग्रोथ करने में मदद करेगा।

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ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत

Indian Economy:दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की तरफ भारत तेजी से बढ़ रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म लाजार्ड की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। उसके अनुसार मौजूदा समय में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही थी।आउटलुक फॉर इमर्जिंग मार्केट शीर्षक वाली रिपोर्ट में ग्लोबल फर्म की ओर से कहा गया है कि भारत के पास एक मजबूत डेमोग्राफिक डिविडेंड है और युवाओं की संख्या अधिक होने का फायदा देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा और 2060 तक भारत को ग्रोथ करने में मदद करेगा।

कैसे मिलेगा फायदा

रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि देश की 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी 50 वर्ष से कम की है और साथ ही आय में वृद्धि होने से मध्यम वर्ग के हाथ में ज्यादा पैसे आ रहे हैं। इस कारण हमारा मानना है कि 2060 तक देश तेजी से आगे बढ़ेगा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में एक बड़ा फैक्टर रहने वाला है। भारत अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए काफी कोशिश कर रहा है, जिसकी झलक बजट 2024-25 में भी दिखाई दी।

वित्त मंत्री की ओर से एमएसएमई सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों पर विशेष ध्यान दिया गया है। मैन्युफैक्चरिंग का समर्थन करने के लिए सरकार ने 'मुद्रा लोन' की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है। वहीं, सरकार एमएसएमई क्षेत्र में 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

डिजिटल इकोनॉमी और टैक्स सुधार

बता दें, मौजूदा समय में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले दो कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था को बड़े स्तर पर स्थिर करने का काम किया है। साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था से करोड़ों लोगों को जोड़ा है और कई टैक्स सुधार लागू किए हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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