Gems And Jewellery:ग्लोबल लेवल पर छाई अनिश्चितता ने भारत के जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबारियों की मुश्किल बढ़ा दी है। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) ने कहा है कि पभोक्ता मांग में कमी के कारण जुलाई में कुल रत्न और आभूषण निर्यात में सालाना आधार पर 23.28 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस दौरान निर्यात का आंकड़ा घटकर 166.54 करोड़ डॉलर पर आ गया। अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मांग में गिरावट के कारण निर्यात मुख्य रूप से प्रभावित हुआ है।
कितना गिर गया कारोबार
भारत में रत्न और आभूषण उद्योग के टॉप निकाय जीजेईपीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-2023 में इस श्रेणी में कुल निर्यात 217.07 करोड़ डॉलर का हुआ था।जीजेईपीसी के चेयरमैन विपुल शाह ने पीटीआई-भाषा से कहा, कि अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मांग में गिरावट के कारण निर्यात मुख्य रूप से प्रभावित हुआ है। संघर्षरत अर्थव्यवस्था के कारण चीन के बाजार में मांग में भारी गिरावट आई है।
सोने की ज्वेलरी का निर्यात भी गिरा
जुलाई में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों (CPD) का कुल निर्यात 22.71 प्रतिशत घटकर 90.77 करोड़ डॉलर का रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 117.44 करोड़ डॉलर था।जुलाई में सोने के आभूषणों का निर्यात भी 12.06 प्रतिशत घटकर 53.04 करोड़ डॉलर का रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 60.31 करोड़ डॉलर का हुआ था।इस बीच, शीर्ष व्यापार निकाय ने कहा कि हाल ही में 9-13 अगस्त तक आयोजित छह दिन के इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो (आईआईजेएस) प्रीमियर-2024 के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये) का कारोबार हुआ।
