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Gems And Jewellery: ग्लोबल लेवल पर उथल-पुथल का असर, जुलाई में रत्न और आभूषण का निर्यात गिरा

Gems And Jewellery: जुलाई में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों (CPD) का कुल निर्यात 22.71 प्रतिशत घटकर 90.77 करोड़ डॉलर का रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 117.44 करोड़ डॉलर था।जुलाई में सोने के आभूषणों का निर्यात भी 12.06 प्रतिशत घटकर 53.04 करोड़ डॉलर का रह गया।

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जेम्स एंड ज्वैलरी

Gems And Jewellery:ग्लोबल लेवल पर छाई अनिश्चितता ने भारत के जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबारियों की मुश्किल बढ़ा दी है। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) ने कहा है कि पभोक्ता मांग में कमी के कारण जुलाई में कुल रत्न और आभूषण निर्यात में सालाना आधार पर 23.28 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस दौरान निर्यात का आंकड़ा घटकर 166.54 करोड़ डॉलर पर आ गया। अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मांग में गिरावट के कारण निर्यात मुख्य रूप से प्रभावित हुआ है।

कितना गिर गया कारोबार

भारत में रत्न और आभूषण उद्योग के टॉप निकाय जीजेईपीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-2023 में इस श्रेणी में कुल निर्यात 217.07 करोड़ डॉलर का हुआ था।जीजेईपीसी के चेयरमैन विपुल शाह ने पीटीआई-भाषा से कहा, कि अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मांग में गिरावट के कारण निर्यात मुख्य रूप से प्रभावित हुआ है। संघर्षरत अर्थव्यवस्था के कारण चीन के बाजार में मांग में भारी गिरावट आई है।

सोने की ज्वेलरी का निर्यात भी गिरा

जुलाई में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों (CPD) का कुल निर्यात 22.71 प्रतिशत घटकर 90.77 करोड़ डॉलर का रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 117.44 करोड़ डॉलर था।जुलाई में सोने के आभूषणों का निर्यात भी 12.06 प्रतिशत घटकर 53.04 करोड़ डॉलर का रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 60.31 करोड़ डॉलर का हुआ था।इस बीच, शीर्ष व्यापार निकाय ने कहा कि हाल ही में 9-13 अगस्त तक आयोजित छह दिन के इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो (आईआईजेएस) प्रीमियर-2024 के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये) का कारोबार हुआ।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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