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Gem & Jewellery Industry: 5 सालों में खूब बढ़ेगी भारत की जेम-ज्वेलरी इंडस्ट्री, साल 2029 तक 128 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान

Gem & Jewellery Industry: भारत की जेम और ज्वेलरी इंडस्ट्री का आकार 2029 तक 128 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है, जो कि 2024 में 83 अरब डॉलर है। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

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भारत की जेम-ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए पॉजिटिव अनुमान

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • भारत की जेम-ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए पॉजिटिव अनुमान
  • साल 2029 तक 128 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान
  • अभी 83 अरब डॉलर है साइज

Gem & Jewellery Industry: भारत की जेम और ज्वेलरी इंडस्ट्री का आकार 2029 तक 128 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है, जो कि 2024 में 83 अरब डॉलर है। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई। 1लैटिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेम और ज्वेलरी इंडस्ट्री में गोल्ड 86 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है। लैब में उगाए जाने वाले डायमंड की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट में बताया गया कि लैब में उगाए जाने वाले डायमंड के मार्केट की मौजूदा वैल्यू 345 मिलियन डॉलर है और 2033 तक इन डायमंड के मार्केट की वैल्यू बढ़कर 1.2 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है।

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लैब में बनने वाले डायमंड की इंडस्ट्री में भारत का योगदान

वैश्विक स्तर पर लैब में उगाए जाने वाले डायमंड में भारत का योगदान 15 प्रतिशत का है। बीते चार वर्षों में निर्यात 8 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 1.3 अरब डॉलर हो गया है।

1लैटिस के वरिष्ठ निदेशक (उपभोक्ता एवं खुदरा) आशीष धीर ने कहा, "भारत का जेम और ज्वेलरी इंडस्ट्री विरासत और इनोवेशन के बीच तेजी से विकसित हो रही है। डिजिटल कॉमर्स, किफायती और सस्टेनेबिलिटी के कारण लैब में उगाए जाने वाले डायमंड ज्वेलरी रिटेल मार्केट के भविष्य को नया आकार दे रहा है।"

जेम और ज्वेलरी इंडस्ट्री की ग्रोथ के कारण

देश की जेम और ज्वेलरी इंडस्ट्री की बढ़त के प्रमुख कारणों में भारत के मध्यम वर्ग की बढ़ती डिस्पोजेबल आय, लग्जरी और निवेश-ग्रेड ज्वेलरी की मांग में वृद्धि, ब्रांडेड और सर्टिफाइड ज्वेलरी का बढ़ता चलन, संगठित रिटेल में उपभोक्ताओं का बढ़ता विश्वास, ई-कॉमर्स के चलते डिजिटल स्पेस की ओर झुकाव और वर्चुअल ट्राई-ऑन हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि 2029 तक देश में होने वाली कुल ज्वेलरी बिक्री में ऑनलाइन की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

30 मिलियन डॉलर की रिसर्च ग्रांट

रिपोर्ट में बताया गया कि सरकारी नीतियों के कारण लैब में उगाए जाने वाले डायमंड के मार्केट को बढ़ावा मिल रहा है। इसमें लैब में उगाए जाने वाले डायमंड के बीज पर 5 प्रतिशत की शुल्क कटौती और मैन्युफैक्चरिंग सुविधा बढ़ाने के लिए 30 मिलियन डॉलर की रिसर्च ग्रांट शामिल है।

रिपोर्ट में सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और ऑप्टिक्स जैसे क्षेत्रों में लैब में उगाए जाने वाले डायमंड की इंडस्ट्रियल क्षमता के बारे में बताया गया है, हालांकि भारत में वर्तमान में घरेलू एचपीएचटी मशीन फैब्रीकेशन की कमी है, जो निवेशकों और तकनीकी खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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