बिजनेस

अडानी को धारावी से क्यो हैं प्यार,सुनाया पुराना किस्सा,बोले- अब स्लमडॉग नहीं करोड़पति होंगे पैदा

Gautam Adani On Dharavi Redevelopment:अडानी ने अपनी चिट्ठी में बताया है कि धारावी से उनका 70 के दशक से कनेक्शन है। धारावी से उनका पहला वास्ता 70 के दशक के अंत में हुआ। जब वह देश के तमाम युवाओं की तरह जीवन में कुछ कर गुजरने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे।

Image

gautam adani on dharavi

Gautam Adani On Dharavi Redevelopment:अरबपति गौतम अडानी दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती के कायाकल्प करने जा रहे हैं। उन्होंने मुंबई की धारावी को नई पहचान देने की बात कही है। अडानी का दावा है कि आने वाले समय में मुंबई की धारावी से स्लमडॉग नहीं करोड़पति (Millionaires) पैदा होंगे। असल में नवंबर 2022 में अडानी ग्रुप को धारावी के रिवडेवलपमेंट का कांट्रैक्ट मिला है। और उन्होंने इसे हासिल करने के लिए 5069 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। जो कि दूसरे नंबर पर बोली लगाने वाली कंपनी DLF से करीब डबल कीमत थी। ऐसे में सवाल उठता है गौतम अडानी धारावी को लेकर क्यों भावुक हैं और उसका उनसे क्या कनेक्शन है। तो इस रिश्ते पर से खुद गौतम अडानी ने परदा उठाया है। उन्होंने एक चिट्ठी के जरिए यह बताने की कोशिश की है क्यों धारावी उनके बेहद करीब है।

50 साल पुराना नाता

अडानी ने अपनी चिट्ठी में बताया है कि धारावी से उनका 70 के दशक से कनेक्शन है। धारावी से उनका पहला वास्ता 70 के दशक के अंत में हुआ। जब वह देश के तमाम युवाओं की तरह जीवन में कुछ कर गुजरने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे। उनका सपना हीरों के कारोबार में कुछ बड़ा करने का था। अडानी का शुरूआती समय धारावी में बीता। वह धारावी की चुनौतियों के बारे में लिखते हैं कि वहां इंसानों की भीड़ घोर अमानवीय और प्रतिकूल परिस्थितियों में रहते हुए अपने सपनों को जिन्दा रखती है और उसके लिए बिना थके संघर्ष करती है। वह लिखते हैं कि धारावी एक सागर था, जिसमें देशभर की विविध मान्यताएं, संस्कृतियां और भाषाएं मिलकर एक हो जाती थीं। यहां के लोगों को साफ-सफाई, शुद्ध पानी और स्वच्छ हवा कब मिलेगी, इसका उत्तर दशकों से इंतजार कर रहा है।

अब करोड़पति पैदा होंगे

अडानी ने यह भी लिखा है कि पूरा प्रोजेक्ट हमारे लिए व्यवसायिक नहीं है बल्कि उससे कहीं ज्यादा है सच कहूं। उनका कहना है कि वह इसके जरिए समाज को वह सब कुछ लौटाने का विनम्र कोशिश कर रहे है, जो हमने समाज से ही हासिल किया है। अडानी ने धारावी को लेकर माइक टायसन के कथन को याद किया है, जिसमें टायसन ने धारावी देखने की इच्छा जताते हैं। अडानी ने लिखा है कि कि काम पूरा होने के बाद, अगर माइक टायसन फिर धारावी का दौरा करेंगे, तो वह नई धारावी को पहचान नहीं पाएंगे। लेकिन इसके साथ मुझे पूरा विश्वास है कि धारावी की आत्मा फिर भी हमेशा की तरह जीवंत मिलेगी। अडानी ने अंत में यह भी लिखा है कि ईश्वर ने चाहा तो डैनी बॉयल जैसे लोगों को पता चल जाएगा कि अब नई धारावी में करोड़पति पैदा हो रहे हैं, वह भी स्लमडॉग बिना कहलाए।

End of Article