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NPS vs Mutual Fund: इस मामले में म्यूचुअल फंड से बेहतर है NPS, अलग से मिलेगा टैक्स बेनेफिट का फायदा

NPS vs Mutual Fund: म्यूचुअल फंड स्कीमों में फंड मैनेजमेंट चार्ज सालाना 2 फीसदी तक होता है। लॉन्ग टर्म में ये 2 फीसदी चार्ज एक बड़ी रकम बन जाएगा। एनपीएस में सिर्फ 0.09% फंड मैनेजमेंट चार्ज लगेगा।

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एनपीएस और म्यूचुअल फंड में कौन बेहतर

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • MF पर लगता है फंड मैनेजमेंट चार्ज
  • 2 फीसदी तक लगेगा चार्ज
  • NPS में ये चार्ज होता है सिर्फ 0.09%

NPS vs Mutual Fund: बीते कुछ सालों में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या काफी बढ़ी है। खास कर जब से 'म्यूचुअल फंड सही है' अभियान शुरू किया गया, तब से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ में तेजी आई है। निवेशकों की कम जोखिम के साथ अच्छे रिटर्न की तलाश ने भी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई। दरअसल प्रोफेशनल फंड मैनेजर म्यूचुअल फंड स्कीमों को मैनेज करते हैं, जिससे जोखिम कम हो जाता है। मगर नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) फंडों ने म्यूचुअल फंड स्कीमों से ज्यादा फायदा कराया है। पिछले 10 सालों में लार्जकैप म्यूचुअल फंड कैटेगरी और डेट फंड्स के मुकाबले NPS इक्विटी फंडों ने निवेशकों की ज्यादा कमाई कराई है। इसका एक बड़ा कारण है फंड मैनेजमेंट चार्ज। फंड मैनेजमेंट चार्ज के बारे में आगे जानिए।

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क्या है फंड मैनेजमेंट चार्ज

म्यूचुअल फंड स्कीमों में फंड मैनेजमेंट चार्ज सालाना 2 फीसदी तक होता है। लॉन्ग टर्म में ये 2 फीसदी चार्ज एक बड़ी रकम बन जाएगा। जैसे कि मान लीजिए कोई किसी म्यूचुअल फंड में हर महीने 5,000 रु की SIP करता है और वो फंड सालाना 2% फंड मैनेजमेंट चार्ज वसूलता है।

25 सालों में ये 2 फीसदी चार्ज निवेशक की जेब पर लगभग 19 लाख रुपये का बोझ डालेगा। वहीं एनपीएस में 5,000 रु की SIP पर सिर्फ 0.09% फंड मैनेजमेंट चार्ज लगेगा। यानी 25 सालों केवल 1 लाख रु। ये चार्ज ही लॉन्ग टर्म में एक बड़ा अंतर पैदा करेगा। ये कैलकुलेशन अनुमानित 9% सालाना रिटर्न पर की गई है।

मिलेगा टैक्स बेनेफिट भी

एनपीएस टियर 2 में कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है। मगर टियर I में कई टैक्स बेनेफिट हैं। पहला कि आपको 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये के निवेश पर टैक्स छूट मिलेगी

80सीसीडी (1बी) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की एडिशनल डिडक्शन का लाभ मिलेगा

80सीसीडी (2) के तहत NPS में जमा की गई 10% तक बेसिक सैलरी टैक्स फ्री रहेगी

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर निवेश ऑप्शनों की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। हर निवेश ऑप्शन में जोखिम हो सकते हैं, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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