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लेबर कानून से लेकर मार्केट रिफॉर्म्स तक विश्वसनीयता पर बन रही भारत की ग्रोथ स्टोरी: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की एक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट से लेकर लॉजिस्टिक्स, एनर्जी और मार्केट रिफॉर्म्स तक भारत की ग्रोथ स्टोरी विश्वसनियता और स्थिरता पर बन रही है।

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विश्वसनीयता पर बन रही भारत की ग्रोथ स्टोरी ( फोटोः PM Modi X handle)

पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि लेबर कोड और ट्रेड एग्रीमेंट से लेकर लॉजिस्टिक्स, एनर्जी और मार्केट रिफॉर्म्स तक भारत की ग्रोथ स्टोरी विश्वसनियता, स्थिरता और लॉन्ग-टर्म कॉन्फिडेंस पर बन रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएमओ की ओर से केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की एक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा गया, "केंद्रीय मंत्री पुरी ने रिफॉर्म एक्सप्रेस 2025 पर एक आर्टिकल लिखा है। उन्होंने शासन के उस शांत लेकिन निरंतर और सामूहिक कार्य पर विचार साझा किया है, जिसके तहत हर हफ्ते अड़चनों को दूर किया गया।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस 2025 से क्या है मतलब

केंद्रीय मंत्री पुरी ने अपनी पोस्ट में जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह पीएम मोदी सरकार की ओर से किए गए सुधारों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिल रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने रिफॉर्म एक्सप्रेस 2025 का मतलब शासन के शांत लेकिन निरंतर और सामूहिक कार्य से समझाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता वाले अनिश्चित वैश्विक माहौल में नरेंद्र मोदी की स्थिर लीडरशिप सबसे अलग दिखाई देती है।

भविष्य के विकास की नींव रख रहे सुधार

केंद्रीय मंत्री पुरी ने आगे कहा कि ऐतिहासिक व्यापार समझौते, मॉडर्न लेबर कोड, सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल और इंडियन पोर्ट्स एक्ट 2025 ने भविष्य के विकास की नींव रखी है। उन्होंने शांति बिल को लेकर कहा कि यह भारत के सिविल न्यूक्लियर फ्रेमवर्क के आधुनिकीकरण को लेकर एक बड़ी छलांग है।

निवेशकों के जोखिम कम करने के हुए प्रयास

केंद्रीय मंत्री पुरी ने पोस्ट में लिखा, "ओआरडी संशोधन अधिनियम, 2025 और नए पीएनजी नियम 2025 ने लीज की अवधि के दौरान शर्तों में स्थिरता पर जोर देकर, प्रोजेक्ट लाइफ साइकल में सिंगल पेट्रोलियम लीज की ओर बढ़कर और मंजूरियों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर निवेशकों के जोखिम को कम करने की कोशिश की है।"

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर ये सुधार कानूनों को ठीक करने, छोटी-मोटी बातों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, श्रम अनुपालन के आधुनिकीकरण करने, बाजार शासन को मजबूत करने, व्यापार प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने, लॉजिस्टिक्स को ठीक करने और लंबी अवधि की ऊर्जा परियोजनाओं के जोखिम को कम करने के साथ एक पैटर्न को दर्शाते हैं।

(इनपुट- आईएएनएस)

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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