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FPI investment: FPI ने सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में निवेश किए 11,000 करोड़ रुपये

FPI investment: अमेरिका का 10 साल के बॉन्ड की यील्ड कम होकर 3.73 प्रतिशत होना उभरते हुए बाजारों में एफपीआई इनफ्लो के लिए सकारात्मक है। ऐसे में एफपीआई भारत जैसे बाजारों में आने वाले समय में खरीदारी और बढ़ा सकते हैं। हालांकि, मंदी और राष्ट्रपति चुनाव के कारण अमेरिकी बाजारों में आने वाले समय में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।

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विदेशी निवेशकों का निवेश

Photo : iStock

FPI investment: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में करीब 11,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े निवेश की वजह भारतीय शेयर बाजार का मजबूत होना और अमेरिका में सितंबर के मध्य में ब्याज दरों के कम होने की संभावना को माना जा रहा है।

10,978 करोड़ रुपये का निवेश हुआ

डिपॉजिटरीज के डेटा के मुताबिक, एफपीआई द्वारा 2 सितंबर से लेकर 6 सितंबर तक 10,978 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। एफपीआई, जून से ही भारतीय शेयर बाजारों पर बुलिश बने हुए हैं और लगातार खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, अप्रैल-जून के महीने में विदेशी निवेशकों द्वारा 34,252 करोड़ रुपये की बिकवाली की गई थी। समीक्षा अवधि में एफपीआई की ओर से इक्विटी के साथ-साथ डेट मार्केट में भी 7,600 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

मोजोपीएमएस के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर सुनील दमानिया ने कहा कि बॉन्ड इंडेक्स में शामिल किए जाने के अलावा कई अन्य फैक्टर्स से एफपीआई का इनफ्लो भारत में देखा जा रहा है। इसमें ग्लोबल डायनेमिक्स, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति, येन उधारी और जोखिम कम करने की रणनीतियां आदि शामिल हैं।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ जा रही

बाजार के अन्य जानकारों का कहना है कि अमेरिका में आया ताजा डेटा यह दिखाता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ जा रही है। इसके कारण फेड सितंबर के मध्य में होने वाली बैठक में ब्याज दरों को 0.50 प्रतिशत तक कम कर सकता है।

वहीं, अमेरिका का 10 साल के बॉन्ड की यील्ड कम होकर 3.73 प्रतिशत होना उभरते हुए बाजारों में एफपीआई इनफ्लो के लिए सकारात्मक है। ऐसे में एफपीआई भारत जैसे बाजारों में आने वाले समय में खरीदारी और बढ़ा सकते हैं। हालांकि, मंदी और राष्ट्रपति चुनाव के कारण अमेरिकी बाजारों में आने वाले समय में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।

आईएएनएस इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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