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Fortune Global 500 list:फॉर्च्यून ग्लोबल-500 लिस्ट में रिलायंस-LIC का कमाल, इन भारतीय कंपनियों को मिली जगह

Fortune Global 500 list: अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट लगातार 11वें साल पहले पायदान पर बनी हुई है जबकि अमेजन दूसरे स्थान पर है। इस साल की रैंकिंग में नौ भारतीय कंपनियों को जगह मिली हैं। इनमें से पांच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां हैं।

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फॉर्च्यून 500 लिस्ट, रिलायंस-एलआईसी का जलवा

Fortune Global 500 list: फॉर्च्यून ग्लोबल लिस्ट में रिलायंस-LIC ने जलवा बरकरार रखा है। इन दोनों कंपनियों को दुनिया की टॉप-100 कंपनियों की लिस्ट में जगह मिली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज इस लिस्ट में 86वें स्थान पर रही है। जबकि बीमा क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 12 पायदान चढ़कर 95वें स्थान पर पहुंच गई। इस साल की रैंकिंग में नौ भारतीय कंपनियों को जगह मिली हैं। इनमें से पांच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां हैं। इस लिस्ट में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 57 पायदान चढ़कर 178वें स्थान पर रहा है।

इन भारतीय कंपनियों को मिली जगह

इस साल की रैंकिंग में नौ भारतीय कंपनियां शामिल हैं। इनमें से पांच सार्वजनिक क्षेत्र की हैं। फॉर्च्यून ने अपनी वेबसाइट पर 2024 की सूची जारी करते हुए कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार 21 साल से इस वैश्विक सूची में अपनी जगह बनाये हुए है। कंपनी का राजस्व पिछले साल 108.8 अरब डॉलर जबकि लाभ 8.4 अरब डॉलर था। पिछले साल के मुकाबले उसकी स्थिति दो पायदान सुधरी है। भारतीय कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान सबसे ऊपर बना हुआ है।रिलायंस इंडस्ट्रीज फॉर्च्यून ग्लोबल-500 की इस साल की सूची में 86वें स्थान पर रही है।रिलायंस इंडस्ट्रीज पिछले साल 88वें स्थान पर थी।

बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 2024 की सूची में 12 पायदान चढ़कर 95वें स्थान पर पहुंच गई जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) 22 स्थान फिसलकर 116वें स्थान पर रही।

सूची में भारतीय कंपनियों में ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) क्रमशः 22 और 25 स्थान फिसल कर क्रमश: 180वें और 258वें स्थान पर रहीं। टाटा मोटर्स 66 पायदान ऊपर 271वें स्थान पर जबकि एचडीएफसी बैंक 306वें स्थान और राजेश एक्सपोर्ट्स सूची में 463वें पायदान पर हैं।

दुनिया में टॉप पर कौन

फॉर्च्यून के अनुसार, अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट लगातार 11वें साल पहले पायदान पर बनी हुई है जबकि अमेजन दूसरे स्थान (पिछले साल चौथे स्थान पर) पर है।सूची में सऊदी अरामको चौथे पायदान पर रही जबकि बीते वर्ष यह दूसरे स्थान पर थी। हालांकि, 121 अरब डॉलर के मुनाफे के साथ, यह लगातार तीसरे साल सूची में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाली कंपनी थी।चीन की सरकारी कंपनियों में बिजली इकाई स्टेट ग्रिड सूची में तीसरे पर स्थान है। एप्पल सूची में सातवें पायदान पर है।कंपनियों का आकलन 31 मार्च, 2024 को या उससे पहले समाप्त हुए उनके संबंधित वित्त वर्ष के कुल राजस्व के आधार पर किया गया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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