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विदेशी निवेशकों की नहीं थमी बिकवाली, जून में शेयर बाजार से 49,430 करोड़ निकाले

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं। जून महीने में विदेशी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है।

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विदेशी निवेशक

विदेशी निवेशकों ने जून में बिकवाली जारी रखी और कुल 49,340 करोड़ रुपये घरेलू शेयर बाजार बाजार से निकाले। मुख्य रूप से वैश्विक जोखिम से बचने, विकसित बाजारों को प्राथमिकता और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी तथा घरेलू बाजार में अधिक मूल्यांकन की वजह से बिकवाली की गयी। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लि. के आंकड़ों के अनुसार, इस ताजा निकासी के साथ, 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारतीय इक्विटी बाजार से कुल 2.7 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके है। यह पूरे वर्ष 2025 में निकाली गई 1.66 लाख करोड़ रुपये की राशि से कहीं अधिक है।

फरवरी छोड़कर हर महीने बिकवाली

आंकड़ों से पता चलता है कि एफपीआई फरवरी को छोड़कर 2026 के हर महीने में शुद्ध बिकवाल बने रहे। उन्होंने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये निकाले, जबकि फरवरी में शुद्ध लिवाल बनकर 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो 17 महीनों में सबसे अधिक मासिक प्रवाह था। हालांकि, मार्च में यह प्रवृत्ति तेजी से बदली और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाले। अप्रैल में शुद्ध रूप से 60,847 करोड़ रुपये और मई में 32,963 करोड़ रुपये की निकासी के साथ बिकवाली का दबाव जारी रहा। एफपीआई ने जून 49,340 करोड़ रुपये निकाले।

इस कारण पैसा निकलना जारी

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख, प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि जून के पहले पखवाड़े में निकासी मुख्य रूप से वैश्विक जोखिम से बचने, विकसित बाजारों को प्राथमिकता, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल अधिक होने और भारतीय शेयरों के मूल्यांकन को लेकर चिंताओं के कारण हुई।

हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर सकारात्मक घटनाक्रम के बाद जून के दूसरे पखवाड़े में भू-राजनीतिक जोखिम कम हुए। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता कुछ कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार में मदद मिली। इससे जोखिम धारणा में सुधार हुआ और ऊर्जा की कीमतों में अचानक उछाल को लेकर चिंताएं कम हुईं। इसके परिणामस्वरूप, महीने के आखिर में एफपीआई की बिकवाली की रफ्तार कम हुई। हालांकि, यह पहले हुई बड़े पैमाने पर पूंजी की निकासी की भरपाई करने के लिए काफी नहीं थी।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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