Budget Impact On FMCG:सरकार की ओर से बजट में पर्सनल इनकम टैक्स घटाया गया है और साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाया गया है। इससे जानकार मान रहे हैं कि आम आदमी के हाथ में पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे बचेंगे और अर्थव्यवस्था में पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा जाएगा। इसका सीधा असर फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर पर देखने को मिलेगा।मार्केट रिसर्च कंपनी कैंटर वर्ल्डपैनल की ओर से कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में ग्रामीण मार्केट में एफएमजीसी सेक्टर की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रह सकती है, जो कि एक वर्ष पहले 4.4 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी एफएमसीजी मार्केट की वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत पर सपाट रह सकती है।
शहर और गांव में बराबर खपत
रिसर्च कंपनी की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रामीण बाजार का वॉल्यूम शहरी बाजार के बराबर पहुंच सकता है, जो कि फिलहाल ज्यादा है।आगे कहा गया कि ग्रामीण एफएमसीजी मार्केट अब पहले के मुकाबले इंडस्ट्री के लिए अधिक मूल्यवान हो गया है और करीब आधी वॉल्यूम और वैल्यू जनरेट कर रहा है। साथ ही कहा कि ग्रामीण भारत में एफएमसीजी मार्केट में वृद्धि का नेतृत्व खपत नहीं, बल्कि जनसंख्या करती है।मार्केट रिसर्च एजेंसी ने बताया कि एफएमसीजी सेक्टर में लोग प्रीमियम प्रोडक्ट्स का रुख कर रहे हैं। इसमें फूड स्प्रेड और ड्रेसिंग, फेस स्क्रब/पील/मास्क, बॉडी वॉश, हेयर कंडीशनिंग सीरम, मूसली और कोरियाई नूडल्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।रिपोर्ट में आगे कहा गया कि लोग ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स को भी तेजी से अपना रहे हैं।
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में भी तेजी की उम्मीद
उत्पादन में बढ़ोतरी, निर्यात में बढ़त और बाजार में मजबूत मांग के चलते ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री का टर्नओवर वित्त वर्ष 24 में 74.1 अरब डॉलर था, जो कि अब तक का उच्चतम स्तर है।ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) की ओर से कहा गया है कि वाहनों के उत्पादन में बढ़ोतरी और कंपोनेंट सेक्टर में मूल्य संवर्धन के कारण वृद्धि देखने को मिली है।वाहन इंडस्ट्री में लगातार हो रही वृद्धि के कारण कंपोनेंट इंडस्ट्री का प्रदर्शन ज्यादातर कैटेगरी में महामारी के पहले के स्तर पर पहुंच गया है।वैश्विक स्तर पर चुनौतियों के बाद भी इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 24 में सालाना आधार पर 9.8 प्रतिशत की वृद्धि दर और व्यापारिक लाभ हासिल किया है। एसीएमए ने कहा कि ऑटो कंपोनेंट का बाजार पिछले वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत बढ़कर 11.3 अरब डॉलर हो गया है।एसीएमए के डायरेक्टर जनरल विनी मेहता ने कहा कि घरेलू बाजार में ओईएम को भेजे जाने वाले कंपोनेंट की आपूर्ति 8.9 प्रतिशत बढ़कर 5.18 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है।
